Maharashtra: भिवंडी के पूर्व मेयर विलास पाटिल को शुक्रवार रात ठाणे आर्थिक अपराध शाखा ने 2025 में दर्ज एक धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया। उन्हें शनिवार को भिवंडी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 18 फरवरी तक चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। पुलिस ने कहा कि ये मामला घर देने के नाम पर कथित धोखाधड़ी से जुड़ा है। Maharashtra
Read Also: Haryana: डॉ अमित आर्य को मिला ‘हरियाणा गौरव सम्मान, पत्रकारिता में योगदान के लिए CJI ने किया सम्मानित
पाटिल के बचाव पक्ष ने मामले को पुराना और पूरी तरह से सिविल नेचर का बताया है।एडवोकेट नारायण अय्यर ने कहा, “ये 2025 का एक पुराना मामला है। निजामपुरा पुलिस स्टेशन में एक लिखित शिकायत दर्ज की गई थी और बाद में इकोनॉमिक ऑफेंस विंग को भेज दी गई थी। बॉम्बे हाई कोर्ट में एक रिट पिटीशन दायर की गई थी, जिसमें 2021 में इस मामले को सिविल विवाद बताया गया था। शिकायतकर्ता ने भिवंडी कोर्ट में छह सिविल मुकदमे भी दायर किए थे और 2021 में पिटीशन खारिज कर दी गई थी। Maharashtra
Read Also:Guwahati: असम में PM मोदी बोले- कांग्रेस ने पूर्वोत्तर की उपेक्षा की और असम में उग्रवाद को बढ़ावा दिया
अब 2025 में, सेक्शन 420 के तहत एक नया मामला दायर किया गया है और मेरे क्लाइंट को आधी रात को गिरफ्तार कर लिया गया।”वकील ने ये भी कहा कि कोर्ट में एक पिटीशन फाइल की गई है जिसमें पाटिल को पुलिस कस्टडी में भिवंडी निज़ामपुर सिटी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन जाकर 16 फरवरी को मेयर चुनाव के लिए अपना नॉमिनेशन पेपर फाइल करने की परमिशन मांगी गई है।विपक्ष ने इसे पॉलिटिकल साज़िश बताया है, जबकि पुलिस का कहना है कि ये एक्शन लीगल प्रोसीजर के हिसाब से लिया गया। Maharashtra
