New Delhi: उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को मध्यप्रदेश के खंडवा में 25 मकानों को गिराए जाने पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील निजाम पाशा द्वारा घरों को गिराए जाने के उच्च न्यायालय के निर्देश में शीर्ष अदालत से तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किए जाने के बाद यह राहत दी।New Delhi
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पाशा ने पीठ से कहा, ‘‘उच्च न्यायालय ने हमें राहत नहीं प्रदान की है। लोग 40 वर्षों से अधिक समय से इस स्थान पर हैं। कृपया हमें तब तक संरक्षण प्रदान करें, जब तक हमारी याचिका पर इस अदालत में सुनवाई नहीं हो जाती।’’शीर्ष अदालत ने आदेश दिया, ‘‘याचिका को तीन अगस्त 2026 को सूचीबद्ध करें। तब तक विध्वंस पर यथास्थिति बनाए रखी जाए।’’खंडवा नगर निगम ने मानदंडों के उल्लंघन और अवैध कब्जे का आरोप लगाया है और आवासों के विध्वंस के लिए नोटिस जारी किया है। पीड़ित परिवारों ने उच्च न्यायालय की जबलपुर पीठ का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन उन्हें वहां से कोई राहत नहीं मिल सकी थी।New Delhi
