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उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, “ये मौतें नहीं, बल्कि हत्याएं हैं।”अमृतसर जिला प्रशासन ने मेडिकल टीमें तैनात की हैं जो प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर उन लोगों की जांच कर रही हैं जिन्होंने शायद नकली शराब पी हो।अमृतसर की डिप्टी कमिश्नरव साक्षी साहनी ने 14 लोगों की मौत की पुष्टि की और कहा कि ज्यादातर पीड़ित दिहाड़ी मजदूर थे।उन्होंने आगे बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मनिंदर सिंह स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंचे।पुलिस को सोमवार रात को मौत की सूचना मिली।
पुलिस उप महानिरीक्षक (सीमा क्षेत्र) सतिंदर सिंह ने कहा कि मुख्य आरोपी समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है और मामले की जांच की जा रही है।पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सात लोगों में से पांच की पहचान मुख्य आरोपी प्रभजीत सिंह, कुलबीर सिंह, साहिब सिंह, गुरजंत सिंह और निंदर कौर के रूप में हुई है।सतिंदर सिंह और जालंधर ग्रामीण पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनिंदर सिंह के साथ साहनी ने प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने पीड़ितों के परिवारों से भी मुलाकात की।डीसी ने मीडिया का बताया, “जैसे ही हमें इसकी (जहरीली शराब त्रासदी) जानकारी मिली, हमने तुरंत मेडिकल टीमें तैनात कर दीं। हमारी टीमें घर-घर जा रही हैं। हालांकि, जिन लोगों ने इसे पीया है, उनमें लक्षण नहीं हैं, फिर भी हम जोर दे रहे हैं कि उन्हें मेडिकल जांच के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जाए।
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उन्होंने कहा कि पीड़ितों ने रविवार या सोमवार को जहरीली शराब पी थी और उन्हें उल्टी होने लगी थी।डीसी ने कहा, “हम पूरी तरह से प्रभावित परिवारों के साथ खड़े हैं और उन्हें अपना पूरा समर्थन देने का आश्वासन देते हैं।”एसएसपी सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी प्रभजीत सिंह को 50 लीटर मेथनॉल मिला था जिसे उसने पतला करके दो लीटर के पैकेट में लोगों को बेचा।उन्होंने कहा, “हम हर पैकेट को जब्त कर रहे हैं।”पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी से पूछताछ में पता चला कि साहिब सिंह नामक व्यक्ति ने ऑनलाइन मेथनॉल मंगवाया और फिर उसे बेचा।अधिकारियों ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता और आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
