Iran-Israel War: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत ने एक बार फिर अपनी मजबूत कूटनीतिक भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से फोन पर बातचीत की है। पीएम मोदी ने क्षेत्र में बढ़ते संकट का कूटनीतिक समाधान निकालने पर जोर दिया है।Iran-Israel War
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियान से टेलीफोन पर बातचीत की। यह बातचीत अमेरिका-इज़राइल हमलों के 13वे दिन हुई है। पीएम मोदी ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव, नागरिकों की मौत और नागरिक ढांचे को हुए नुकसान पर गहरी चिंता जताई है। पीएम मोदी ने संवाद और कूटनीति के जरिए तत्काल डी-एस्केलेशन की अपील की है। साथ ही भारत की शांति और स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई है। Iran-Israel War
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पीएम मोदी ने खास तौर पर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, माल और ऊर्जा के निर्बाध परिवहन पर जोर दिया है। दोनों नेताओं ने संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई है।वही इस बीच, विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने भी ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बात की है। यह दोनों नेताओ के बीच हाल के दिनों में चौथी बातचीत है।विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री से विस्तृत चर्चा की। दोनों नेताओ ने चल रहे संकट के नवीनतम घटनाक्रम पर विचार-विमर्श किया। भारत ने होर्मुज स्ट्रेट में ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा और भारतीय जहाजों के सुरक्षित मार्ग पर चिंता जताई। दोनों पक्षों ने संपर्क में बने रहने का फैसला किया है। Iran-Israel War
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वही विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ईरान के साथ भारत की बातचीत और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में सधी हुई कूटनीतिक प्रतिक्रिया दी है।यह बातचीत भारत की सक्रिय कूटनीति का हिस्सा है,जहां न्यू दिल्ली क्षेत्रीय स्थिरता और अपने हितों की रक्षा के लिए सभी पक्षों से बात कर रहा है। UAE के पूर्व राजदूत ने हाल ही में कहा था कि “पीएम मोदी का एक फोन कॉल ही इस संकट को खत्म कर सकता है” – जो भारत की वैश्विक साख को दर्शाता है। Iran-Israel War
