सरकार को 16वां वित्तीय आयोग लागू होने पर राजकोषीय लक्ष्यों पर सावधानी बरतनी होगी- व्यय सचिव

Political News: Government will have to be cautious on fiscal targets when the 16th Finance Commission is implemented – Expenditure Secretary

Political News: व्यय सचिव वी. वुअलनाम ने सोमवार यानी आज 2 फरवरी को कहा कि केंद्र सरकार को अपने राजकोषीय लक्ष्यों और ऋण प्रबंधन पथ का पालन सुनिश्चित करने के लिए बहुत सावधानी बरतनी होगी, क्योंकि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के लागू होने के बाद राज्यों को भारी मात्रा में धनराशि दी जाएगी। अरविंद पनगढ़िया की अध्यक्षता वाले 16वें वित्त आयोग ने एक अप्रैल 2026 से शुरू होने वाले पांच वर्ष के लिए केंद्रीय करों में राज्यों की 41 प्रतिशत हिस्सेदारी का सुझाव दिया है। इसने स्थानीय निकायों के अनुदान को दोगुना करने का भी सुझाव दिया है जबकि राज्यों के लिए हस्तांतरण के बाद के राजस्व घाटे के अनुदान को समाप्त करने की बात भी कही है।

बजट के बाद ‘पीटीआई वीडियो’ के साथ साक्षात्कार में वुअलनाम ने कहा कि वित्त आयोग के हस्तांतरण सूत्र के अनुसार केंद्रीय कर संग्रह में राज्यों का हिस्सा लगभग 14 लाख करोड़ रुपये होगा। उन्होंने कहा कि अनुदानों के साथ-साथ केंद्र प्रायोजित योजनाओं तथा केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं जैसे अन्य मदों को मिलाकर सरकार से राज्यों को जाने वाली कुल राशि 25 लाख करोड़ रुपये से अधिक होगी। वुअलनाम ने कहा, ‘‘सरकार ने (सिफारिशों को) स्वीकार कर लिया है और हमें बहुत सावधानी से आगे बढ़ना होगा ताकि हमारे राजकोषीय लक्ष्य, हमारी विकास यात्रा और सभी का पालन किया जा सके।’’ Political News

Read Also: अभिनेता और राज्यसभा सांसद कमल हासन ने बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा को ग्रैमी पुरस्कार के लिए दी बधाई

राजकोषीय समेकन के मार्ग पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को अगले वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया, जो मार्च 2026 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष के लिए 4.4 प्रतिशत है। बजट अनुमान (बीई) 2026-27 में ऋण-जीडीपी अनुपात 55.6 प्रतिशत आंका गया है जबकि संशोधित अनुमान (आरई) 2025-26 में यह 56.1 प्रतिशत था। सीतारमण ने कहा कि ऋण-जीडीपी अनुपात में गिरावट से ब्याज भुगतान पर होने वाले खर्च में कमी आएगी और इससे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में व्यय के लिए संसाधन धीरे-धीरे मुक्त होंगे। Political News

केंद्र सरकार का लक्ष्य 2030-31 तक ऋण-जीडीपी अनुपात को 50 (दोनों ओर एक प्रतिशत घट-बढ़) तक लाने का है। गौरतलब है कि 16वें वित्त आयोग ने 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए विधिवत गठित ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) और शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) को कुल 7,91,493 करोड़ रुपये के अनुदान की सिफारिश की है।

Top Hindi NewsLatest News Updates, Delhi Updates,Haryana News, click on Delhi FacebookDelhi twitter and Also Haryana FacebookHaryana Twitter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *