Rajasthan: राजस्थान के कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एनएमसीएच) में सिजेरियन प्रसव के दौरान संक्रमित एक और महिला की गुरुवार 7 मई की सुबह मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सिजेरियन प्रसव के बाद संक्रमित चार अन्य महिलाओं की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए जयपुर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि सोमवार शाम को अस्पताल में सिजेरियन प्रसव के बाद कम से कम छह महिलाओं की तबीयत बिगड़ गई और उनमें से एक की मंगलवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। कोटा के एनएमसीएच में अपर अधीक्षक डॉ. आर. पी. मीना ने पीटीआई वीडियो को बताया कि कोटा निवासी ज्योति नायक (19) की गुरुवार की सुबह इलाज के दौरान संक्रमण से मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मंगलवार सुबह पांचों संक्रमित महिलाओं को गुर्दा रोग वार्ड में भर्ती कराए जाने के बाद से ज्योति की हालत सबसे गंभीर थी। गुरुवार को जब उनकी हालत और बिगड़ी तो उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली (वेंटिलेटर) पर रखा गया था।
डॉ. मीना ने बताया कि सुबह करीब 10:30 बजे इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि बाकी चार संक्रमित महिलाओं की हालत गंभीर है और उन्हें गुर्दा संबंधी गंभीर समस्या है। घटनाक्रम से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि उन्हें बेहतर इलाज के लिए जयपुर ले जाने की तैयारी चल रही है। डॉ. मीना ने बताया कि ज्योति पहली बार मां बनी थी और उसका नवजात शिशु, साथ ही चार अन्य एनआईसीसीयू में चिकित्सकीय निगरानी में हैं और सभी स्वस्थ हैं। उन्होंने बताया कि जयपुर के सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज से डॉ. निहार शर्मा (एनेस्थीसिया), डॉ. सुनील कुमार महावर (मेडिसिन), डॉ. पवन अग्रवाल (स्त्री रोग) और डॉ. संजीव कुमार शर्मा (गुर्दा रोग) सहित विशेषज्ञों की एक टीम बुधवार रात को कोटा पहुंची और संक्रमित महिलाओं के बेहतर इलाज के लिए यहां की चिकित्सा टीमों के साथ समन्वय और सहायता कर रही है।
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इस बीच, ज्योति के परिजनों ने उसका शव लेने से इनकार कर दिया है और मेडिकल कॉलेज परिसर के अंदर विरोध प्रदर्शन किया। पति रवि और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद थे। रवि ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी और पांच अन्य महिलाओं को दवा की गलत खुराक दी गई, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई और दो महिलाओं की मौत हो गई। उन्होंने कहा, ‘‘जब तक न्याय नहीं मिल जाता, मैं उसका शव अंतिम संस्कार के लिए नहीं ले जाऊंगा।’’
अस्पताल में सोमवार शाम को लगभग 12 गर्भवती महिलाओं का सिजेरियन के जरिये प्रसव कराया गया और सर्जरी के 8-12 घंटे बाद, उनमें से छह की हालत बिगड़ गई, उनके रक्तचाप, प्लेटलेट में गिरावट आई और उन्हें मूत्र अवरोध की समस्या हो गई। इन छह महिलाओं को मंगलवार तड़के गुर्दा रोग वार्ड में भर्ती कराया गया। इनमें से एक महिला, जिसकी पहचान पायल (26) के रूप में हुई, की मंगलवार सुबह इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को मेडिकल कॉलेज का दौरा किया और प्रभावित महिलाओं के इलाज की जानकारी ली। इस बीच, कोटा जिला प्रशासन ने मामले की जांच के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया है और उनकी रिपोर्ट का इंतजार है।
