अमेरिकी सेना का होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसेना के तीन पोतों पर ईरानी हमलों को नाकाम करने का दावा

America: US military claims to have thwarted Iranian attacks on three naval ships in the Strait of Hormuz

America: अमेरिका की सेना ने कहा है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में उसकी नौसेना के तीन पोतों पर ईरानी हमलों को रोका और ‘‘अमेरिकी सैन्य बलों पर हमले के लिए जिम्मेदार ईरानी सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया।’’ इस घटना ने दोनों देशों के बीच एक महीने से जारी युद्धविराम की नाजुक स्थिति को उजागर कर दिया है। ‘यूएस सेंट्रल कमांड’ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि अमेरिकी सैन्य बलों ने ‘‘बिना किसी उकसावे के बावजूद किए गए ईरानी हमलों’’ को रोका और आत्मरक्षा में जवाबी हमले किए।

अमेरिकी सेना ने कहा कि किसी भी पोत को नुकसान नहीं पहुंचा है। उसने कहा कि वे तनाव बढ़ाना नहीं चाहती लेकिन ‘‘अमेरिकी बलों की रक्षा के लिए तैनात और तैयार है।’’ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन में संवाददाताओं से कहा कि हिंसा के बावजूद युद्धविराम कायम है। ट्रंप ने कहा, ‘‘उन्होंने आज हमसे खिलवाड़ किया। हमने उन्हें उड़ा दिया।’’ इस बीच, ईरान की सरकारी मीडिया ने कहा कि देश के सशस्त्र बलों और ‘‘दुश्मन’’ के बीच जलडमरूमध्य में स्थित केशम द्वीप पर गोलीबारी हुई। यह फारस की खाड़ी का सबसे बड़ा ईरानी द्वीप है जहां करीब 1,50,000 लोग रहते हैं। यहां एक जल विलवणीकरण संयंत्र भी है।

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ईरानी सरकारी मीडिया ने भी पश्चिमी तेहरान में तेज आवाजों और गोलीबारी की खबर दी। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसियों ‘फार्स’ और ‘तस्नीम’ ने बताया कि ईरान के दक्षिणी हिस्से में बंदर अब्बास के पास विस्फोटों की आवाज सुनी गई। खबरों में विस्फोटों के स्रोत के बारे में नहीं बताया गया। जहाजरानी आंकड़ों से जुड़ी एक कंपनी ने इससे पहले दिन में बताया कि ईरान ने अहम होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले पोतों की जांच और उनसे कर वसूलने के लिए एक सरकारी एजेंसी बनाई है।

इस मार्ग पर नियंत्रण को औपचारिक रूप देने के ईरान के प्रयास से अंतरराष्ट्रीय नौवहन को लेकर नयी चिंताएं पैदा हो गई हैं। सैकड़ों वाणिज्यिक पोत फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं और खुले समुद्र तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे पहले, ईरान ने कहा कि वे युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिका द्वारा दिए गए नवीनतम प्रस्तावों की समीक्षा कर रहा है। इससे एक दिन पहले ही अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदरगाहों की अमेरिकी नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे एक ईरानी तेल टैंकर पर गोलीबारी की थी।

इस बीच, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने वेटिकन में पोप लियो 14वें के साथ पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों पर चर्चा की। ईरान युद्ध के विरोध के कारण पोप और ट्रंप के बीच तीखी बयानबाजी हुई थी। बुधवार को ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि युद्ध समाप्त करना और संघर्ष के कारण बाधित तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति फिर से शुरू करना ईरान द्वारा समझौते को स्वीकार करने पर निर्भर करता है, हालांकि उन्होंने समझौते का विस्तृत विवरण नहीं दिया। ट्रंप ने लिखा, ‘‘अगर वे सहमत नहीं होते हैं, तो बमबारी शुरू हो जाएगी।’’

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