Rohtak: असम में सुखोई-30 फाइटर जेट क्रैश में शहीद हुए स्क्वाड्रन लीडर अनुज शर्मा को उनके पैतृक गांव ककराना, रोहतक में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। अनुज शर्मा ने देश सेवा के लिए TCS की नौकरी छोड़ दी थी और वे एक बहादुर पायलट थे।
शहीद अनुज शर्मा की कहानी
अनुज शर्मा का जन्म 9 अगस्त 1993 को रोहतक जिले के ककराना गांव में हुआ था। वे एक प्रतिभाशाली छात्र थे और उनकी पढ़ाई-लिखाई गुरुग्राम में हुई थी। अनुज ने 2015 में वायुसेना में शामिल हुए थे और वे एक अनुभवी पायलट थे। उनकी शादी एयरफोर्स पायलट से होने वाली थी, लेकिन देश की सेवा करते हुए उन्होंने अपनी जान गंवा दी।
सुखोई-30 फाइटर जेट क्रैश
गुरुवार शाम को असम के जोरहाट एयरबेस से नियमित अभ्यास उड़ान भरने वाले सुखोई-30 फाइटर जेट में अनुज शर्मा और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर सवार थे। उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया और वह रडार से गायब हो गया। तलाश के दौरान पता चला कि विमान जोरहाट से करीब 60 किलोमीटर दूर कार्बी आंगलोंग के घने जंगलों में क्रैश हो गया है।
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अंतिम विदाई
शहीद अनुज शर्मा को उनके पैतृक गांव ककराना में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके छोटे भाई मनुज ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान भारतीय वायु सेना की टुकड़ी ने उन्हें सलामी दी। अनुज की मंगेतर, जो खुद एयरफोर्स अधिकारी हैं, ने वर्दी में खड़े होकर उन्हें अंतिम विदाई दी। उनका एक इमोशनल वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
