राणा सांगा विवाद पर घमासान, रामजीलाल सुमन के बयान पर सत्ता पक्ष ने बोला जोरदार हमला

Rana Sanga Controversy: संसद में आज राणा सांगा विवाद की गूंज सुनाई दी। समाजवादी पार्टी सांसद रामजीलाल सुमन के बयान पर आपत्ति जताते हुए सत्ता पक्ष ने जोरदार हमला बोला। वहीं विपक्ष ने रामजीलाल सुमन के घर पर हुए हमले का मुद्दा उठाते हुए पलटवार किया।राज्यसभा की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई बवाल हो गया। सत्तापक्ष के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया. सत्तापक्ष के सदस्य राणा सांगा को लेकर रामजीलाल सुमन के बयान के विरोध में नारेबाजी करने लगे।

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संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से इस पर अपना स्टैंड साफ करने की अपील की और कहा कि मैं नहीं मानता कि ये विचार अकेले रामजी लाल सुमन के हैंवहीं केन्द्रीय मंत्री, पीयूष गोयल ने कहा कि इस मुद्दे के दो पहलू हैं- पहला पक्ष यह कि सदस्य ने जो कहा, वह अत्यंत निंदनीय है।अब टेलीविजन पर आकर दूसरी बार यह कहना दोगुना निंदनीय है।इस पर राज्यसभा में विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हम इस बात से सहमत हैं कि किसी का अपमान करने वाली टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। खरगे ने आगे कहा कि लेकिन कानून अपने हाथ में लेकर इन्होंने जो किया है, घर पर जाकर तोड़फोड़ करते हैं। दलितों के खिलाफ अत्याचार हम कभी सहन नहीं करेंगे। संविधान कभी किसी के घर को जलाने की इजाजत नहीं देता।आप काूनन को हाथ में नहीं ले सकते हैं।बुलडोजर चलाना गलत है।

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कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि राणा सांगा इस देश के हीरो थे।किसी भी जाति-वर्ग के महापुरुष का अपमान नहीं किया जाना चाहिए लेकिन इसकी आड़ में आप किसी दलित के घर में तोड़-फोड़ करोगे, दलित का घर जलाओगे?वही बीजेपी सांसद राधामोहन अग्रवाल ने गरम तेवर में कहा कि रामजीलाल सुमन ने उसी दिन ये कह दिया होता कि गलती से बोल दिया तो ये मुद्दा खत्म हो गया होता, लेकिन उन्होंने कहा कि मर भी जाएं तो अपनी बात वापस नहीं लेंगे। आज खरगे जी ने दलित समाज से जोड़कर राजनीतिकरण कर राणा सांगा को और पतित करने का काम किया है।

वही संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि इसे जाति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए, ऐसा नहीं है कि रामजीलाल सुमन दलित हैं इसलिए ऐसा हुआ। यह सेंटीमेंट है, यह एक सांसद के बयान का मुद्दा है। इसका दलित होने से कोई नाता नहीं है।सत्तापक्ष और विपक्ष की इस तकरार में सभापति जगदीप धनखड़ को दखल देना पड़ा।सभापति धनकड़ ने कहा कि सदस्यों को संवेदनशील मुद्दे पर बोलते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।किसी भी जाति, समाज के महान सपूतों का अनादर नहीं करना चाहिए। हर जाति-वर्ग में आदर्श हैं।वही राणा सांगा विवाद के बीच समाजवादी पार्टी सांसद धर्मेंद्र यादव ने लोकसभा में इसकी चर्चा की।धर्मेन्द्र यादव ने कहा कि 17वीं लोकसभा में, इसी सदन में एक मुस्लिम सांसद का किस तरह से अपमान हुआ था, ये पूरे देश ने देखा है।धर्मेंद्र यादव का इतना कहना था कि आसन से जगदंबिका पाल ने उन्हें रोक दिया।आसन से जगदंबिका पाल ने कहा कि शून्यकाल के दौरान आप ये बताएंगे कि 17वीं लोकसभा के दौरान क्या हुआ था। नियम पढ़ लें और उसके मुताबिक ही मुद्दे उठाएं।

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