Sports News: टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा ने TTFI के खिलाफ खोला मोर्चा, संविधान के उल्लंघन का लगाया आरोप

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Sports News: स्टार टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीटीएफआई) ने आने वाले एशियाई खेलों के लिए टीम चुनते समय अपने ही संविधान का उल्लंघन किया है। साथ ही उन्होंने ये भी माना कि वे “मानसिक रूप से थक चुकी हैं” और “हथियार डाल रही हैं।हालांकि, फेडरेशन का कहना है कि ये प्रक्रिया पूरी तरह से नियमों के अनुसार ही की गई थी। जब टीटीएफआई ने 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक होने वाले आइची-नागोया एशियाई खेलों के लिए अपनी 10 सदस्यीय टीम की घोषणा की, तो 31 साल की मनिका बत्रा का नाम रिजर्व खिलाड़ियों की सूची में शामिल था। Sports News

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सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में बत्रा ने दावा किया कि भले ही टीटीएफआई ने उन्हें बताया था कि पूरी चयन प्रक्रिया “पूरी तरह से नियमों के अनुसार” की गई है, लेकिन उनके पास मौजूद दस्तावेजों से पता चलता है कि एशियाई खेलों की टीम को नौ सदस्यीय चयन समिति ने अंतिम रूप दिया था।उन्होंने आरोप लगाया कि ये टीटीएफआई संविधान के आर्टिकल 24(सी)(आई) के खिलाफ है, जिसमें कहा गया है कि किसी भी सब-कमेटी में सात से ज्यादा सदस्य नहीं हो सकते।बत्रा ने कहा, “नौ सदस्यों वाली कमेटी ने मेरा भविष्य तय किया, फिर भी मुझसे कहा जा रहा है कि ये प्रक्रिया पूरी तरह से संविधान और नियमों के मुताबिक थी। Sports News

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राष्ट्रमंडल खेलों की पूर्व स्वर्ण पदक विजेता और तीन बार ओलंपियन रहीं बत्रा ने कहा कि वे इस मामले पर फैसला जनता पर छोड़ती हैं। खासकर उन लोगों पर जो हमेशा कहते रहे हैं कि नियमों का सम्मान किया जाना चाहिए और वे सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए।बत्रा ने कहा कि वे थक चुकी हैं और मुख्य संस्था के साथ ये लड़ाई जारी नहीं रखना चाहतीं।बत्रा ने कहा, “मैं इस लड़ाई से मानसिक रूप से थक चुकी हूं और फिलहाल, मैं हथियार डाल रही हूं।”उन्होंने ये भी कहा कि वे अमेरिका में चल रहे टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करने की अपनी तत्काल जिम्मेदारी पर ध्यान देंगी। Sports News

उन्होंने कहा, “आज मेरे ऊपर एक बड़ी जिम्मेदारी है। मैं अभी एक टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हूं और अब मेरा पूरा ध्यान आगे होने वाले टूर्नामेंट पर होगा।”चुनी गई टीम को शुभकामनाएं देते हुए बत्रा ने कहा: “चुनी गई टीम को मेरी शुभकामनाएं। जाइए और भारत का नाम रोशन कीजिए।” ये विवाद 2026 एशियाई खेलों के लिए भारत की मुख्य टीम में बत्रा को शामिल न किए जाने की वजह से शुरू हुआ है।उन्होंने पहले भी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निरंतरता पर सवाल उठाए हैं, जबकि टीटीएफआई का कहना है कि टीम का चयन उनकी चयन नीति के अनुसार ही किया गया था।

टीटीएफआई के अनुसार, खिलाड़ियों का चयन एक ऐसे फॉर्मूले से किया गया जिसमें राष्ट्रीय रैंकिंग को 50 प्रतिशत, विश्व रैंकिंग को 40 प्रतिशत और चयन समिति की राय को 10 प्रतिशत महत्व दिया गया।हालांकि बत्रा अंतरराष्ट्रीय सर्किट में भारत की दूसरी सबसे ऊंची रैंकिंग वाली महिला सिंगल्स खिलाड़ी बनी हुई हैं, लेकिन कई घरेलू टूर्नामेंट में शामिल न हो पाने के कारण उनकी राष्ट्रीय रैंकिंग पर असर पड़ा, जो चयन प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा है।महिला टीम की कप्तानी श्रीजा अकुला करेंगी, जो भारत की सबसे ऊंची रैंकिंग वाली महिला पैडलर और विश्व नंबर 45 हैं।महिला टीम में यशस्वी घोरपड़े, दिया चितले, सुतीर्था मुखर्जी और सिंड्रेला दास भी शामिल हैं। बत्रा के साथ स्वास्तिका घोष को भी रिजर्व खिलाड़ी के तौर पर चुना गया था।

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