Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार 1 फरवरी को अपने 2026-27 के बजट भाषण में अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए कई अहम योजनाओं की घोषणा की। इनमें वाराणसी और पटना में जहाजों की मरम्मत के लिए ‘शिप-रिपेयर ईकोसिस्टम’ स्थापित करना भी शामिल है।
वाराणसी के क्रूज संचालकों ने इस ऐलान का स्वागत करते हुए इसे ‘गेम चेंजर’ बताया है। फिलहाल वे जहाजों के निर्माण और मरम्मत के लिए पूरी तरह कोलकाता पर निर्भर हैं। संचालकों का कहना है कि इस कदम से न सिर्फ लागत और समय कम लगेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार भी पैदा होंगे। पिछले कुछ सालों में वाराणसी में जल परिवहन को काफी बढ़ावा मिला है। रविदास घाट पर जहाज सैलानियों को कई सुविधाएं दे रहे हैं। सैलानी भी गंगा नदी में क्रूज की सवारी काफी पसंद कर रहे हैं।
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अलकनंदा क्रूजलाइन लिमिटेड जयंत मालवीय का कहना है कि जलमार्ग से समय भी काफी लगता है, रोडवेज के बस से अगर आप कंपेयर करें… एक्सपेंसिव भी बहुत ज्यादा होता है, खर्चे भी ज्यादा होते हैं। इस वजह से दोनों ही दृष्टिकोण से काफी सुविधा हो जाएगी। काशी में ही ऐसी सुविधा उपलब्ध होने के कारण यहां रोजगार को भी बढ़ोतरी मिलेगी। क्योंकि शिप रिपेयर फैसिलिटी के अलावा डेवलपमेंट का भी एक कार्य होता है तो हमें भी लाभ होगा। और लोगों को भी लाभ होगा। छोटे-बड़े सभी प्रकार के काम, शिप रिपेयरिंग, बिल्डिंग से रिलेटेड, वो हो सकते हैं। Union Budget 2026
