Uttar Pradesh: संगम की रेती पर माघ मेले के प्रथम स्नान पर्व- पौष पूर्णिमा पर शनिवार यानी आज 3 जनवरी को 20-30 लाख श्रद्धालुओं के गंगा और संगम में डुबकी लगाने की मेला प्रशासन ने उम्मीद जताई है। पौष पूर्णिमा स्नान के साथ कल्पवासियों का एक माह का कल्पवास शनिवार से प्रारंभ हो जाएगा। प्रयागराज की मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि पौष पूर्णिमा का स्नान का मुहूर्त शनिवार (आज) सुबह चार बजे से शुरू हो गया और इस मौके पर 20-30 लाख श्रद्धालुओं के गंगा और संगम में डुबकी लगाने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि इस माघ मेले में 10,000 फुट क्षेत्र के 10 स्नान घाट बनाए गए हैं, जबकि 2023-24 में 8,000 फुट के घाट बनाए गए थे। अग्रवाल के अनुसार पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने माघ मेला के लिए लोगो (प्रतीक चिह्न) जारी किया है। इसके अलावा, विद्युत विभाग ने मेला सेवा ऐप तैयार किया है जिसके माध्यम से लोग बिजली के खंभों में लगे क्यूआर कोड स्कैन करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। मंडलायुक्त ने बताया कि इसके अलावा, पहली बार माघ मेले में बाइक टैक्सी सेवा शुरू की गई है जिससे श्रद्धालुओं को स्नान घाट के नजदीक तक पहुंचने की सुविधा उपलब्ध होगी और उन्हें ज्यादा पैदल चलना नहीं पड़ेगा।
प्रयागराज के पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार ने बताया कि मेला क्षेत्र में 1600 से अधिक आरक्षी और 1,000 के आसपास होमगार्ड तैनात किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यातायात पुलिस के 400 आरक्षियों और 38 यातायात उप निरीक्षकों की भी तैनाती की गई है ताकि मेले की सुरक्षा सुनिश्चित हो। कुमार के अनुसार इसके अलावा, थाना के लिहाज से 15 त्वरित कार्रवाई दल गठित किए गए हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की दो टीम, आरएएफ की छह टीम, पीएसी की 17 कंपनियां और एलआईयू के 100 से अधिक कर्मचारी भी मेला क्षेत्र में तैनात किए गए हैं।
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पुलिस आयुक्त का कहना है कि मेले में कुल नौ पांटून पुल बनाए गए हैं जिनके दोनों छोर पर 18 पुलिस चौकियां लगाई गई हैं और पर्याप्त पुलिस बल वहां तैनात किए गए हैं। अग्निशमन और आपात योजना के तहत 20 दमकल केंद्र और 20 ‘वाच टावर’ स्थापित किए गए हैं। कुमार ने बताया कि मेला क्षेत्र में 990 ‘फायर हाइड्रेंट’ और 22 ‘हाई प्रेशर ट्यूबवेल’ बनाए गए हैं जिससे आग बुझाने के लिए पर्याप्त जल की उपलब्धता रहे। उन्होंने कहा कि मेले में अग्निशमन विभाग के 800 कर्मचारी तैनात किए गए हैं तथा 55 बड़े वाहन और 55 छोटे अग्निशमन वाहन भी लगाये गए हैं। पुलिस आयुक्त के मुताबिक जल पुलिस का एक मुख्य नियंत्रण कक्ष और चार उप नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं। साथ ही आठ किलोमीटर क्षेत्र में ‘डीप वाटर बैरिकेडिंग’ की गई है। साथ ही दो किलोमीटर क्षेत्र में ‘वाटर बैरिकेडिंग’ रहेगी। इसके साथ ही प्रशिक्षित गोताखोरों की भी तैनाती की गई है।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि मेला के दौरान प्रयागराज कमिश्नरेट (जिले) में पुलिस व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए अलग से पुलिस बलों की तैनाती की गई है और प्रयागराज आने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों का रास्ता बदल दिया गया है। प्रयागराज के जिला मजिस्ट्रेट मनीष कुमार वर्मा के अनुसार मेला क्षेत्र में दो बड़े अस्पताल स्थापित किए गए हैं और पूरे मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य केंद्रों में डाक्टरों की तैनाती की गई है। साथ ही 50 एंबुलेंस मेला क्षेत्र में भ्रमणशील रहेंगे। वर्मा ने बताया कि ठंड से बचाव के लिए मेला क्षेत्र में 500 बेड का एक बड़ा रैन बसेरा बनाया गया है और हर सेक्टर में अलाव की व्यवस्था भी की गई है और जरूरतमंदों के लिए पर्याप्त संख्या में कंबल का प्रबंध किया गया है। Uttar Pradesh
