Uttarakhand: गणतंत्र दिवस पर आयोजित सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम में CM धामी हुए शामिल

Uttarakhand:

Uttarakhand: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर देहरादून स्थित गांधी पार्क में भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर इस गरिमामयी सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम में सहभागिता करना उनके लिए अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर इसलिए भी विशेष है क्योंकि राष्ट्रगीत वंदे मातरम् अपनी रचना के 150 गौरवशाली वर्ष पूर्ण कर चुका है। Uttarakhand: 

Read also- Delhi: गणतंत्र दिवस समारोह में 21 तोपों की सलामी की महत्व जानिए

मुख्यमंत्री ने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की लेखनी से निकला वंदे मातरम् स्वतंत्रता आंदोलन का नारा रहा है, जिसने देशवासियों को एक साझा भावनात्मक और सांस्कृतिक पहचान प्रदान की तथा पीढ़ियों को राष्ट्रप्रेम के सूत्र में बाँधने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि जब गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे संगीतबद्ध किया, तब यह केवल नारा नहीं रहा, बल्कि एकता, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण का सजीव प्रतीक बन गया।मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम् कोई सामान्य कविता नहीं है, बल्कि यह माँ भारती के प्रति आस्था, समर्पण और कर्तव्यबोध की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रगीत हजारों कंठों से एक साथ गूंजता है, तो केवल स्वर नहीं मिलते, बल्कि हृदय, विचार और संकल्प भी एक हो जाते हैं। इसी भाव को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री ने भारत विकास परिषद के सभी कार्यकर्ताओं की सराहना की। Uttarakhand

Read also- Bollywood: शाहरुख, आलिया और करीना कपूर सहित कई कलाकारों ने 77वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस का यह दिन राष्ट्र के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है, क्योंकि इसी दिन वर्ष 1950 में स्वतंत्र भारत ने अपना संविधान लागू कर एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में अपनी यात्रा आरंभ की। उन्होंने संविधान सभा के सभी सदस्यों, स्वतंत्रता सेनानियों, क्रांतिकारियों, सत्याग्रहियों और माँ भारती के अमर सपूतों को नमन करते हुए उनके संघर्ष और बलिदान को स्मरण किया। साथ ही उन्होंने देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले सेना और पुलिस के वीर जवानों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि भारतीय संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह भारत की प्राचीन सभ्यता, लोकतांत्रिक मूल्यों और हजारों वर्षों की सांस्कृतिक चेतना का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि जिस भारत के बारे में यह कहा जाता था कि इतनी विविधताओं वाला देश लोकतांत्रिक नहीं रह पाएगा, वही भारत आज विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। Uttarakhand

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में भारत विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आधुनिक बुनियादी ढांचे, स्मार्ट सिटी, राष्ट्रीय राजमार्गों और हवाई कनेक्टिविटी के माध्यम से विकास को नई गति मिली है। डिजिटल इंडिया, यूपीआई और तकनीकी नवाचारों ने प्रत्येक नागरिक को प्रत्यक्ष लाभ पहुँचाया है। शिक्षा, स्वास्थ्य और गरीब कल्याण के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व कार्य हुए हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसे अभियानों ने देश की आर्थिक नींव को मजबूत किया है तथा उत्पादन और नवाचार के क्षेत्र में भारत को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि सेनाओं के निरंतर आधुनिकीकरण, उन्नत हथियारों और रक्षा प्रौद्योगिकी के माध्यम से सीमा सुरक्षा को भी सुदृढ़ किया जा रहा है। साथ ही भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर नए आत्मविश्वास के साथ स्थापित कर रहा है। Uttarakhand

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल घोषणाएं नहीं कीं, बल्कि ठोस निर्णय लेकर उन्हें धरातल पर उतारा है। देवभूमि की सामाजिक शांति बनाए रखने के लिए सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा विरोधी कानून लागू किए गए हैं। ऑपरेशन कालनेमी के माध्यम से सनातन धर्म को बदनाम करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई है तथा मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सख्त भू-कानून लागू कर देवभूमि को अवैध कब्जों और माफियागिरी से सुरक्षित किया जा रहा है। समान नागरिक संहिता लागू करने वाला उत्तराखंड स्वतंत्र भारत का पहला राज्य बना है। युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके तहत अब तक 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा जा चुका है।  Uttarakhand

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में 27 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने बताया कि राज्य गठन के समय की तुलना में उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 26 गुना बढ़ चुका है तथा प्रति व्यक्ति आय में लगभग 17 गुना की वृद्धि हुई है। बिजली उत्पादन में कई गुना वृद्धि और सड़कों के नेटवर्क के दोगुना होने से प्रदेश के विकास को नई गति मिली है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन निवारण आयोग की हालिया रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 44 प्रतिशत रिवर्स पलायन दर्ज किया गया है, जो यह दर्शाता है कि लोग अब रोजगार, सम्मान और बेहतर भविष्य की उम्मीद के साथ अपने गांवों की ओर लौट रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स 2023-24 में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ देवभूमि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और उन्हें विश्वास है कि प्रदेशवासी अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए उत्तराखंड सहित पूरे देश को और अधिक सशक्त बनाने में योगदान देंगे।कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, विधायक श्री खजान दास, श्रीमती सविता कपूर तथा अन्य जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे |  Uttarakhand

Top Hindi NewsLatest News Updates, Delhi Updates,Haryana News, click on Delhi FacebookDelhi twitter and Also Haryana FacebookHaryana Twitter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *