West Asia Conflict: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। आज नेशनल मीडिया सेंटर में एक महत्वपूर्ण अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग आयोजित की गई, जिसमें पेट्रोलियम, जहाजरानी, विदेश मंत्रालय और उपभोक्ता मामलों के प्रतिनिधियों ने देश की तैयारियों का खाका पेश किया है। पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार ने स्पष्ट किया है कि चाहे खाद्य सामग्री हो या ईंधन, भारत के पास किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं। दिल्ली की राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में अंतर मंत्रालय समूह की प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी गई है कि देश मे अनाज की कोई कमी नहीं है। West Asia Conflict:
वही पश्चिम एशिया के हालातों को देखते हुए सरकार ने एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जो राज्यों के साथ तालमेल बिठाकर 40 आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतों की दैनिक निगरानी कर रहा है।भारतीय खाद्य निगम (FCI) के पास चावल और गेहूं का पर्याप्त भंडार है।कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ‘ओपन मार्केट सेल स्कीम’ (OMSS) के जरिए गेहूं और चावल खुले बाजार में उतारे जा रहे हैं।दालों का उत्पादन पिछले साल के मुकाबले बढ़कर 266 लाख मीट्रिक टन होने का अनुमान है। वहीं, खाद्य तेलों की आपूर्ति भी स्थिर बनी हुई है।आलू, प्याज और टमाटर का उत्पादन घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। West Asia Conflict:
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ऊर्जा सुरक्षा और LPG आपूर्ति को लेकर पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। जनता से पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) न करने की अपील की गई है।LPG की ऑनलाइन बुकिंग अब 97% तक पहुंच गई है। 1 मार्च 2026 से अब तक 18 करोड़ से अधिक घरेलू सिलेंडर पहुंचाए जा चुके हैं।जमाखोरी रोकने के लिए देशभर में 1 लाख से ज्यादा छापेमारी की गई है और 52,000 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए हैं।सरकार PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) और बिजली के चूल्हों के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है। उद्योगों को भी कोयले की अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। West Asia Conflict:
शिपिंग मंत्रालय की ओर से जानकारी दी गई है कि समुद्री रास्तों पर तनाव के बावजूद भारत का व्यापारिक बेड़ा सुरक्षित है।होर्मुज स्ट्रेट में तनाव के बीच पिछले दो दिनों में दो भारतीय LPG जहाज, ‘ग्रीन सान्वी’ और ‘ग्रीन आशा’, सुरक्षित रूप से अपनी मंजिल की ओर बढ़े हैं। वर्तमान में इस क्षेत्र में 16 भारतीय जहाज हैं, जिनकी निगरानी DG शिपिंग का कंट्रोल रूम 24 घंटे कर रहा है। अब तक 1,599 से अधिक नाविकों की सुरक्षित घर वापसी कराई जा चुकी है।भारतीयों की सुरक्षा और निकासी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया है कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कतर, यूएई और ईरान के विदेश मंत्रियों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया है।
वही मिडल ईस्ट में युद्ध के चलते अब तक आठ भारतीयों की जान चली गई है जबकि एक लापता है सात पार्थिव शरीर वापस लाये जा चुके हैं जबकि टेक्निकल वजह से फसे एक व्यक्ति का पार्थिव शरीर वापस लाने के लिए ओमान के साथ भारतीय दूतावास संपर्क में है।वही ईरान से 1,777 भारतीयों को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते सुरक्षित निकाला गया है, जिनमें 895 छात्र और 345 मछुआरे शामिल हैं।हवाई संपर्क: यूएई, सऊदी अरब और कतर से भारत के लिए उड़ानें संचालित हो रही हैं।
कुवैत और बहरीन का हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण वहां से भारतीयों को सऊदी अरब के रास्ते लाया जा रहा है।खाड़ी देशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों के लिए JEE और NEET जैसी परीक्षाओं पर कोई असर न पड़े, इसके लिए मिशन स्थानीय अधिकारियों के साथ तालमेल बिठा रहे हैं।
कुल मिलाकर, भारत सरकार ने एक तरफ कूटनीतिक मोर्चे पर सक्रियता दिखाई है, तो दूसरी तरफ घरेलू बाजार में महंगाई और किल्लत को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। सरकार की सलाह है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
