Harish Rawat on Niti Meeting: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शनिवार को कहा कि विपक्षी मुख्यमंत्रियों का नीति आयोग की बैठक का बॉयकॉट करना सही था।कांग्रेस नेता रावत शनिवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग की बैठक से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बॉकआउट पर कहा कि विपक्ष की एकमात्र मुख्यमंत्री होने के बावजूद उन्हें बीच भाषण में गलत तरीके से रोका गया।
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हरीश रावत ने कहा, “ये बड़ा दुखद है नीति आयोग जैसे प्लेटफॉर्म पर यदि आप मुख्यमंत्री को अपने राज्य की पूरी बात नहीं कहने देंगे, तो फिर कहां मुख्यमंत्री अपने राज्य की पूरी बात कहेंगे और ममता जी इस समय वरिष्ठतम मुख्यमंत्रियों में से एक हैं और उनके साथ इस तरीके का व्यवहार नहीं होना चाहिए था। जहां तक गठबंधन ने सोच-विचार करके, सबने परामर्श करके, बैठकर बहिष्कार का निर्णय लिया क्योंकि जिस तरीके से बजट में खुलेआम आप केवल दो राज्यों को कुछ दे रहे हैं, बाकी राज्यों का जिक्र ही नहीं कर रहे हैं और तो छोड़ो जो भाजपा शासित राज्य हैं।
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उत्तराखंड 85 करोड़ रुपये दैवीय आपदा के लिए क्या करेगा पुष्कर सिंह धामी उसको लपेटेगा या निचोड़ेगा या नहाएगा, क्या करेगा इतने से क्या होगा उससे, तो अब ये ठीक है कि बीजेपी के जो मुख्यमंत्री गण हैं, उनको अपना मुंह चुप रखना है, मगर जो विपक्षी मुख्यमंत्री गण हैं और उनके राज्य के साथ भेदभाव हो रहा है, तो वो लड़ेंगे तो मैं अपने राज्य की लड़ाई है और मैं समझता हूं उन्होंने ये बहिष्कार का निर्णय सर्वोच्च निर्णय था और अब जिस तरीके का व्यवहार ममता जी के साथ हुआ, उसके बाद तो लग रहा है की बहिष्कार के अलावा कोई रास्ता ही नहीं था।”
