दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र कल यानी 29 नवंबर से शुरू होकर 3 दिसंबर तक आयोजित होगा। BJP ने सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है, जिनमें कई महत्वपूर्ण विषय होंगे जिन्हें लेकर सरकार कभी भी एक्टिव नहीं रही है। विशेषकर CAG रिपोर्ट को लेकर BJP दिल्ली की AAP सरकार पर हावी होती नजर आएगी।
Read Also: वायनाड सीट से नवनिर्वाचित सांसद प्रियंका गांधी ने संसद में ली पद और गोपनीयता की शपथ
आपको बता दें, नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा है कि दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र में AAP सरकार को CAG की कुल 14 रिपोर्ट हैं जिन्हें पेश करना है। अगर वो इसे पटल पर नहीं रखेंगे तो हम उन्हें इसके लिए बाध्य करेंगे। इसके साथ ही विजेंद्र गुप्ता ने पूर्व की केजरीवाल सरकार और मौजूदा आतिशी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा दिल्ली में जो जनहित के कार्य होने थे इस सरकार में नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा हम CAG की रिपोर्ट सत्र पेश करने की मांग का विषय लेकर LG को ज्ञापन भी सौंपेंगे और असेंबली में भी आवाज बुलंद करेंगे।
नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में AAP सरकार की ओर से 10 हजार करोड़ रुपये का लोन लेना, इसका मतलब ये है कि दिल्ली की सरकार AAP के शासनकाल में कंगाल हो चुकी है। ये पैसा कहां जा रहा है, ये जनता के वेलफेयर पर पैसा खर्च होना था, सीवर ठीक होना था,पानी जो गंदा आता है वो ठीक होना था, झुग्गी में नल लगने थे, AAP सरकार जनहित के काम नहीं हो रहे हैं, सड़कों का निर्माण नहीं हो रहा, वृक्ष जो पुराने हो रहे उनकी छटाई नहीं हो रही है, मैन एंड मशीनरी कोलेप्स हो रहे हैं।
CAG की रिपोर्ट क्यों दबाई जा रही है, इसका मतलब है दाल में कुछ काला है। अगर सरकार सत्र में CAG रिपोर्ट नहीं लगाएगी तो हम LG साहब से आग्रह करेंगे कि वे अपने विशेषाधिकार का प्रयोग कर विधानसभा को संदेश भेजें और CAG की रिपोर्ट को पटल पर लाने का आदेश दें।
Read Also: UP के वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन को एनएसजी-1 का मिला दर्जा, सालभर में हुई 500 करोड़ की कमाई
वहीं दिल्ली में आजकल रोहिंग्याओं के फर्जी वोट बनाए जा रहे हैं और मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना की ओर से अप्रत्यक्ष रूप से अधिकारियों को धमकाया जा रहा है कि फर्जी वोट बनाओ नहीं तो हम आपके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। जो प्रोसेस चल रहा है ये गंभीर मामला है दिल्ली को हम बांग्लादेश नहीं बनने देंगे। ये भी बात हम उपराज्यपाल के सामने रखेंगे और सदन में आवाज उठाएंगे। दिल्ली को जिस तरह से बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्याओं के हवाले करने का जो कुचक्र और साजिश AAP कर रही है उसको हम कामयाब नहीं होने देंगे।
दिल्ली सरकार ने 10 साल के कार्यकाल में मजदूरों से जुड़े लोगों को मिले फंड का इस्तेमाल ही नहीं किया गया, ये जांच का विषय है। प्रतिदिन सुनिश्चित दिहाड़ी प्रत्येक कंस्ट्रक्शन वर्कर्स को उनके वेतन देने की मांग, जिनकी संख्या करीब 20 लाख है। दिल्ली का दुर्भाग्य है कि दिल्ली में कोरी ओर गुमराह राजनीति करने वालों सरकार है।
