मॉनसून सत्र : हरियाणा में कानून व्यवस्था पर मुख्‍यमंत्री नायब सैनी का जवाब, बोले- चर्चा तथ्यों पर आधारित हो

मानसून सत्र में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष पर राजनीतिक अवसर तलाशने का आरोप लगाया और सरकार की कानून व्यवस्था से जुड़ी कार्रवाई गिनाई।

चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा का मॉनसून सत्र चल रहा है, कार्यवाही के दौरान ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश की कानून व्‍यवस्‍था पर अपनी बात रखी । सीएम सैनी ने कहा कि हरियाणा में कानून व्यवस्था पर चर्चा जरूर होनी चाहिए, लेकिन यह तथ्यों पर आधारित हो। उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 से 2005 तक प्रदेश में कानून व्यवस्था को राजनीतिक प्रभाव और सत्ता के दबाव में कमजोर किया गया। मुख्यमंत्री ने रेलू राम पूनिया सहित आठ लोगों की हत्या, किसानों पर गोली चलाने, झज्जर में पांच दलित युवकों की हत्या और 3206 जेबीटी शिक्षकों की भर्ती में घोटाले जैसे मामलों का जिक्र किया।

विपक्ष के कार्यकाल पर निशाना 
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के कार्यकाल में भगाना और मिर्चपुर में दलितों पर अत्याचार
, दलित बस्तियों को जलाने, गरीबों के अंगों की तस्करी और वर्ष 2012 के अपना घर कांड का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जो सरकार असहाय बेटियों को सुरक्षित नहीं रख पाई, उसके प्रतिनिधि आज महिला सुरक्षा की बात करते हैं। सैनी ने कहा कि उनकी सरकार ने व्यवस्था बदलकर युवाओं को बिना खर्चीबिना पर्ची रोजगार दिया और उनका आत्मविश्वास बढ़ाने का काम किया।

सरकार ने व्‍यवस्‍था मजबूत की : सीएम
मुख्यमंत्री ने बताया कि नागरिकों को तत्काल सहायता देने के लिए डायल 112 लागू किया गया और 10 आपातकालीन सेवाओं को इससे जोड़ा गया। 630 इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल तैनात हैं और व्यवस्था मजबूत करने के लिए 250 वाहनों की खरीद को मंजूरी दी गई। विशेष अभियान में 4771 अपराधी गिरफ्तार, 216 हथियार बरामद, 241 नई हिस्ट्रीशीट तैयार और 1406 हिस्ट्रीशीट अपडेट की गईं। उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानूनों को गंभीरता से लागू किया गया है और सरकार का लक्ष्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ मजबूत साक्ष्यों के आधार पर सजा दिलाना है।

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