Air Pollution: शुरु से हमने यहीं पढ़ा या सुना है कि पेड़ प्रदूषण को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। लेकिन अमेरिका में हुए एक अध्ययन से निकले हुए निष्कर्षों ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। दरअसल, इस अध्ययन में ये पाया गया कि पेड़ों के कारण वायु प्रदूषण ज्यादा बढ़ता है। आखिर ऐसा क्यों है और इसके पीछे की वजह क्या है आइए जानते हैं।
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दरअसल, अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के सबसे बड़े शहर लॉस एंजिल्स में ये अध्ययन हुआ है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि इस शहर में बहुत अधिक वायु प्रदूषण था। यहां प्रदूषण को कम करने के लिए वाहनों की आवाजाही को कम करने के अलावा कई अन्य उपायों को अपनाया गया। हालाँकि, वैज्ञानिकों ने इसके बाद भी एक अध्ययन किया जब प्रदूषण का कोई असर नहीं पड़ा। इस अध्ययन में पता चला कि पेड़ भी प्रदूषण का कारण हैं। यह अध्ययन अमेरिका में साइंस जर्नल में भी प्रकाशित हुआ है। यह बताता है कि पेड़ों में पाए जाने वाले टेरपेनोइड्स विभिन्न रसायनों पर केंद्रित होते हैं। यह अन्य प्रदूषकों के साथ मिलकर घातक हो सकता है। आसान शब्दों में, वाष्पशील कार्बनिक यौगिक (VCO) या पेड़ों के टेरपेनोइड्स सूक्ष्मकण प्रदूषकों का उत्पादन करके वायु प्रदूषण पर प्रतिक्रिया करते हैं।
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बता दें कि सूखे और बढ़ते तापमान के कारण लॉस एंजिल्स में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। अमेरिका, जर्मनी, कैलटेक और कोलोराडो के NOAA के शोधकर्ताओं ने वाष्पशील कार्बनिक यौगिक (VOC) की सांद्रता को मापने के लिए मास स्पेक्ट्रोमीटर के साथ कई दिनों तक लॉस एंजिल्स के आसमान में एक विमान उड़ाया। इस अध्ययन के दौरान पता चला कि टेरपेनोइड्स ही प्रदूषण का सबसे बड़ा स्त्रोत थे। हालांकि वैज्ञानिक ये पता नहीं लगा सके कि किस पेड़ से ज्यादा प्रदूषण का खतरा होता है। इस अध्ययन के बाद वैज्ञानिकों ने कहा कि पेड़ों के वीओसी भले ही प्रदूषण का कारण बन रहे हैं, लेकिन बिना पेड़ों के पृथ्वी पर जीवन संभव नहीं है।
