SC Slams Delhi LG: शुक्रवार 13 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) वीके सक्सेना को कड़ी फटकार लगाई क्योंकि उन्होंने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की ओर से अदालत में लंबित एक आवेदन के बावजूद रिज क्षेत्र (संरक्षित क्षेत्र) में पेड़ों को काटने की अनुमति दी। जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने अदालत की पूर्व अनुमति लिए बिना पेड़ों को काटने के उपराज्यपाल के निर्णय पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
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बता दें, सुप्रीम कोर्ट रिज वन में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए 1,100 पेड़ों की कथित कटाई को लेकर डीडीए के उपाध्यक्ष के खिलाफ स्वत: संज्ञान से अवमानना कार्यवाही की सुनवाई कर रहा था। शीर्ष अदालत ने मामले में उपराज्यपाल का अस्तित्व छिपाने की कोशिशों की भी निंदा की, कहा कि सुनवाई के पहले दिन ही उन्हें बताना चाहिए था कि उपराज्यपाल ने पहले ही पेड़ों की कटाई के आदेश जारी किए थे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, उपराज्यपाल ने पूरी तरह से विवेक का इस्तेमाल नहीं किया। उनका मानना था कि वृक्ष अधिकारी दिल्ली सरकार के पास है। यह दुखद स्थिति है कि जो कुछ हो रहा है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। हमें पहले दिन ही बता दिया जाना चाहिए था कि उपराज्यपाल ने निर्देश दिए हैं।
वीके सक्सेना से पूछा कि क्या आप खुद को अदालत मानते हैं? यह भी पूछा कि क्या डीडीए अधिकारियों ने उन्हें बताया था कि पेड़ों को काटने के लिए शीर्ष अदालत से अनुमति चाहिए। जस्टिस ओका ने कहा कि मुझे लगता है कि उपराज्यपाल खुद को अदालत मान रहे हैं। क्या एलजी को बताया गया था कि हमें सुप्रीम कोर्ट से अनुमति लेनी चाहिए? पीठ ने स्पष्ट रूप से कहा कि वीके सक्सेना सहित सभी संबंधित पक्षों ने गलतियां की हैं और स्पष्टीकरण के लिए अदालत में आने के बजाय इन त्रुटियों को छिपाने का विकल्प चुनने पर उनकी आलोचना की। सुप्रीम कोर्ट ने डीडीए को भी बताने को कहा कि क्या उसने उपराज्यपाल की अनुमति के आधार पर पेड़ों को काटने का फैसला किया था या कोई स्वतंत्र निर्णय भी लिया गया था। पेड़ों की कटाई का काम करने वाले ठेकेदार को भी नोटिस भेजा गया, जिसमें उसे अदालत को बताने के लिए कहा गया कि किसके निर्देश पर उसने ऐसा किया था।
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दरअसल, यह मामला डीडीए द्वारा सैकड़ों से अधिक पेड़ों की अवैध कटाई से जुड़ा है, जो पहले से ही अदालत से अनुमति लेना आवश्यक है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) ने दावा किया कि डीडीए ने उपराज्यपाल के निर्देश पर दक्षिणी रिज क्षेत्र में लगभग 1,100 पेड़ काटे हैं। पीठ ने कहा, हमें इस बात से परेशानी है कि हर किसी ने गलती की है। हम सभी को पहले दिन अदालत में आकर बताना चाहिए था कि हमसे गलती हुई है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। डीडीए अधिकारी का हलफनामा चार-पांच आदेशों के बाद सही निकलता है।
