Haryana: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की प्रेस वार्ता करके विकसित भारत – जी राम जी योजना पर विपक्षी पार्टियों द्वारा किए जा रहे दुष्प्रचार पर मुख्यमंत्री ने की बात की। यह विषय देश के करोड़ों ग्रामीण श्रमिकों किसानों और मेहनतकश परिवारों से है जुड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रमिकों के कल्याण और गांव के विकास में एक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए विकसित भारत जी राम जी योजना की शुरू।Haryana:
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इस योजना ने पुरानी पड़ चुकी मनरेगा योजना का लिया स्थान।किसी योजना में रह गई अथवा समय की मांग के अनुसार आ गई कमियों को सुधारना नीति निर्माण का हिस्सा और मनरेगा भी इस मामले में नहीं है अलग। मनरेगा के अंतर्गत कई समस्याएं आई सामने, ऐसे में एक पुराने खामियों से भरे ढांचे को बिना सुधार के ढोते रहना ना तो श्रमिकों के हित में था और ना ही राष्ट्र के वर्ष 2013 की कैग रिपोर्ट से स्पष्ट होता है कि यूपीए शासन के दौरान योजना में फर्जी लाभार्थियों की थी भरमार और केवल धन की हेरा फेरी के उद्देश्य से लाभार्थियों की सूची में की गई थी हेरा फेरी। Haryana:
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केंद्र में यूपीए शासन के दौरान मनरेगा एक ऐसी योजना बनकर रह गई जिसका उद्देश्य केवल गड्ढे खोदना और उन्हें भरना था। पंजाब में 13 हजार 304 ग्राम पंचायतों में से केवल 5 हजार 915 ग्राम पंचायतों में किए गए एक सोशल ऑडिट के अनुसार लगभग 10 हजार 663 वित्तीय गबन के मामले आए सामने। इस भ्रष्टाचार की दोषियों के खिलाफ नहीं हुई कोई कार्रवाई। मनरेगा के तहत अस्वीकृत परियोजनाएं भी मनरेगा निधि से ही चलाई जा रही थी लेकिन उनमें कोई निगरानी तंत्र नहीं था और ना ही किसी चीज का रखा जा रहा था रिकॉर्ड ।Haryana:
इस निगरानी के अभाव में मेहनती और योग्य मजदूरों को मिलने वाली उचित मजदूरी छीन ली गई।भ्रष्ट आम आदमी सरकार उन सुधारो का विरोध करने के लिए कर रही है बहस और प्रस्ताव कर रही है पारित। श्रमिकों को न्याय और उचित मुआवजा दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित भारत जी राम जी कानून लेकर आए। Haryana:
नए प्रावधानों के तहत रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ा कर 125 दिन करने से श्रमिकों की गारंटी सुविधा मजदूरी को मिला काफी बढ़ावा। इससे पूरे भारतवर्ष में एक ग्रामीण अकुशल श्रमिक की वार्षिक आय में औसतन 7 हजार रुपए से अधिक की होगी बढ़ोतरी। हरियाणा में भी हर श्रमिक को कम से कम 10 हजार रुपये से अधिक मिलेंगे।हरियाणा में प्रतिदिन 400 रुपए की दर से न्यूनतम मजदूरी दी जाती है जबकि पंजाब में 339 रुपए और हिमाचल में मात्र 236 रुपए प्रतिदिन है। इस योजना के तहत इस वर्ष हरियाणा में 52 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति के श्रमिकों को तथा 65 प्रतिशत से अधिक महिला श्रमिकों को मिला है काम। ग्राम पंचायत की योजनाओं को पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान से जोड़ा गया ताकि गांव में होने वाला हर काम राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों के अनुरूप हो। Haryana:
केंद्र सरकार ने इस वर्ष 1 लाख 51 हजार 282 करोड रुपए किए हैं आवंटित जबकि पिछले वर्ष यह राशि 88 हजार करोड़ थी। हरियाणा में अक्टूबर 2014 से लेकर अक्टूबर 2025 तक के 10 वर्षों में श्रमिकों को 5243 करोड रुपए का किया गया भुगतान। कांग्रेस के 10 वर्षों के शासनकाल में केवल 1854 करोड रुपए का ही किया गया था भुगतान। विकसित भारत जी राम जी योजना में भ्रष्टाचार से निपटने और शोषण को रोकने के कई उपाय किए गए।बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और उपस्थिति, वेतन और भत्तों का सीधा डिजिटल भुगतान, जियो टैगिंग और सैटलाइट इमेजरी जैसे उपाय हैं शामिल। विकसित भारत जी राम जी कानून का उद्देश्य उन वास्तविक श्रमिक लाभार्थियों का करना है समर्थन जिन्हें पिछली सरकारों ने दिया धोखा। यह श्रमिक भ्रष्ट ठेकेदारों, अधिकारियों या राजनेताओं की तिजोरिया भरने के लिए नहीं बल्कि एक सच्चे विकसित भारत के निर्माण की दिशा में करेंगे काम। Haryana:
