उत्तर प्रदेश के संभल में पिछले साल 24 नवंबर को हुई हिंसा के मुख्य आरोपी शारिक साठा की संपत्ति बुधवार को कुर्क की गई। ये कार्रवाई साठा की चल और अचल संपत्तियों को कुर्क करने का एक अदालत द्वारा एक वारंट जारी करने के बाद की गई।
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अधिकारियों ने बताया है कि भारी पुलिस बल की मौजूदगी में नखासा पुलिस थानाक्षेत्र के दीपा सराय स्थित साठा के मकान पर कुर्की की कार्रवाई की गई। वहीं संभल तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह कार्रवाई फरार आरोपी के खिलाफ अदालत के आदेशों का पालन करते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 84 के तहत की जा रही है। उन्होंने बताया, ‘‘हमने आरोपी के मकान की पहचान कर ली है और कुर्की की कार्रवाई कर रहे हैं। जिला पुलिस बल और राजस्व विभाग की टीम मौके पर मौजूद हैं।”
अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तर) कुलदीप सिंह ने कहा कि चार पुलिस थानों और पीएसी की एक प्लाटून को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा, “हम साठा से जुड़ी अन्य संपत्तियों का भी ब्योरा जुटा रहे हैं।” नखासा पुलिस थानाक्षेत्र के हिंदूपुरा खेड़ा निवासी शारिक साठा तय समय पर अदालत में पेश नहीं हुआ, जिसके बाद उसे धारा 84 के तहत भगोड़ा घोषित किया गया और संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी हुआ।
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पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि साठा के मकान की कुर्की मंगलवार को की गई और उसकी अन्य संपत्तियों का पता लगाने के लिए उसके साथियों से पूछताछ जारी है। अधिकारियों ने कहा कि शारिक साठा लंबे समय से फरार है और उसे गिरफ्तार करने के लिए कई छापे मारे गए, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। उसके खिलाफ पहले कई गैर-जमानती वारंट जारी किए गए थे। पुलिस ने शारिक साठा को एक कुख्यात वाहन चोर बताया है जो वाहन चोरी के कई मामलों में शामिल रहा है। पुलिस ने संभल हिंसा मामले में साठा को मुख्य आरोपी बनाया है।
एसपी बिश्नोई ने कहा कि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फरार आरोपी को कौन मदद दे रहा था और वे इतने लंबे समय तक गिरफ्तारी से कैसे बचता रहा। उन्होंने कहा कि उसे ढूंढने और गिरफ्तार करने की कोशिशें लगातार जारी रहेंगी। पुलिस को संदेह है कि हो सकता है कि वह विदेश भाग गया हो।
