Delhi: मनरेगा बचाव के घमासान को लेकर आज दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के मजदूर कामगार जुटे हैं। यह कामगार मिट्टी को संघर्ष का प्रतीक बनाते हुए सम्मेलन में जुटे। खरगे और राहुल गांधी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह लड़ाई रुकने वाली नहीं है। दिल्ली का जवाहर भवन आज मनरेगा मजदूरों की आवाज़ से गूंज उठा। कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए ‘मनरेगा बचाओ’ के संकल्प के साथ राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने साफ कर दिया है कि यह लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है। Delhi:
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संदीप दीक्षित की अध्यक्षता वाले ‘रचनात्मक कांग्रेस’ द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में 25 राज्यों के लगभग 400 कार्यकर्ता और मजदूर शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत एक प्रतीकात्मक संदेश के साथ हुई, जहाँ देश के कोने-कोने से आए मजदूर अपने कार्यस्थलों की मिट्टी लेकर पहुंचे, जो उनकी एकजुटता का प्रतीक बनी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल धरने-प्रदर्शन की बात नहीं है, बल्कि एक लंबी वैचारिक लड़ाई है। खरगे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार न केवल गरीबों की योजना खत्म कर रही है, बल्कि ‘ग्राम स्वराज’ की अवधारणा पर भी हमला कर रही है। Delhi:
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खरगे ने कहा, “बीजेपी पहली ऐसी पार्टी है जिसने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर चल रही योजना को निशाना बनाया है।वहीं, राहुल गांधी ने तीखे तेवर अपनाते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर सीधा हमला बोला। राहुल ने कहा कि जैसे किसानों ने एकजुट होकर काले कृषि कानूनों को वापस लेने पर सरकार को मजबूर किया था, वैसे ही मनरेगा के लिए भी एकजुट होना होगा।राहुल गांधी ने कहा”मैं इन लोगों को अच्छे से जानता हूँ, ये डरपोक हैं। जब इनके सामने संगठित शक्ति खड़ी होती है, तो ये पीछे हट जाते हैं। कृषि कानूनों की तरह इन्हें मनरेगा पर भी झुकना पड़ेगा।”
राहुल गांधी ने आगे कहा कि मनरेगा का मकसद पंचायतों को मजबूत करना था, लेकिन अब सरकार केंद्रीकरण के जरिए विपक्षी राज्यों का हक मारना चाहती है।राहुल गांधी ने इसे संविधान और आधुनिक भारत के ढांचे को नष्ट करने की साजिश बताया।इस सम्मेलन में के.सी. वेणुगोपाल, जयराम रमेश पवन खेडा और अन्य दिग्गज नेता भी मौजूद रहे। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह सड़क से लेकर संसद तक मनरेगा मजदूरों के हक की ढाल बनकर खड़ी रहेगी।
