Delhi: लोकसभा अध्यक्ष सम्मेलन में आज चुकाने वाला खुलासा किया है सदन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बयान दिया कि कल हंगामे के दौरान पीएम मोदी पर अप्रत्याशित घटनाक्रम की आशंका थी और उन्होंने ही पीएम मोदी को सदन में ना आने की सलाह दी थी।
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लोकसभा में कल हुए अभूतपूर्व हंगामे और शोर-शराबे पर आज स्पीकर ओम बिरला ने एक अत्यंत गंभीर और चौंकाने वाला बयान दिया है। सदन की गरिमा और सुरक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए स्पीकर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में आने से मना किया था।सदन को संबोधित करते हुए ओम बिरला ने कहा, “कल सदन के भीतर जो माहौल था, उसे देखते हुए मैंने स्वयं प्रधानमंत्री को सदन में न आने की सलाह दी थी। मुझे डर था कि प्रधानमंत्री के साथ वहां कुछ भी अप्रत्याशित (unpleasant) घटित हो सकता था।” उन्होंने संकेत दिया कि सदन का माहौल इतना अधिक तनावपूर्ण और अनियंत्रित था कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा और प्रोटोकॉल को लेकर जोखिम नहीं लिया जा सकता था।
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लोकतंत्र के इतिहास में ‘काला धब्बा’
स्पीकर ने कल के घटनाक्रम की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक ‘काले धब्बे’ की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि जिस तरह का आचरण कल माननीय सदस्यों द्वारा किया गया, वह सदन की मर्यादा के पूरी तरह खिलाफ था।
सुरक्षा पर उठे सवाल
वही सदन में विपक्ष के प्रदर्शन में शामिल रही कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने सदन में पीएम को निशाना बनाये जाने के आरोपों पर बचाव किया है।
