Crude Oil: केरल के मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन ने शुक्रवार को कहा कि ऐसा प्रतीत होना ‘घोर आपत्तिजनक’ है कि भारत को तेल आयात जैसे फैसलों के लिए अमेरिकी मंजूरी की जरूरत है।विजयन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि भारत की संप्रभुता विदेशी ‘मंजूरी’ के अधीन नहीं है। ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिका द्वारा भारतीय रिफाइनरियों को रूस से तेल खरीदने की 30 दिन की अस्थायी छूट दिये जाने के बाद उनकी यह तीखी आलोचना सामने आई। Crude Oil:
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विजयन ने अपने पोस्ट में कहा, ‘‘यह प्रतीत होना घोर आपत्तिजनक है कि भारत जैसे देश को तेल आयात जैसे फैसलों के लिए अमेरिका से मंजूरी की आवश्यकता है। इस तरह की धारणा को मजबूती देकर केंद्र सरकार दुनिया के सामने हमारे देश को अपमानित कर रही है।’विजयन ने अपने पोस्ट में कहा, “यह बेहद शर्मनाक है कि भारत जैसे देश को तेल आयात जैसे फैसलों के लिए भी अमेरिका से मंजूरी लेनी पड़े। इस तरह की धारणा को पनपने देकर केंद्र सरकार दुनिया के सामने हमारे देश को शर्मिंदा कर रही है। Crude Oil:
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उन्होंने आगे कहा कि भारत को किन देशों के साथ व्यापार करना है, इस बारे में फैसले केवल भारत को ही लेने चाहिए, और ये फैसले उसके राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर किए जाने चाहिए।इसी बीच, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने भी शुक्रवार को यह जानना चाहा कि भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए किसी अन्य देश की मंजूरी की आवश्यकता क्यों है।एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि दो दिन पहले अमेरिकी सेना द्वारा श्रीलंका तट के पास ईरानी युद्धपोत आईरिस देना को डुबोए जाने के बाद भारत चुप या निष्क्रिय नहीं रह सकता। Crude Oil:
