Middle East: मिडिल ईस्ट में बने हालात और देश में ईंधन आपूर्ति को लेकर अंतर मंत्रालय समूह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी है। वहीं फारस की खाड़ी से एक जहाज भारत पहुंच गया जबकि दूसरा जहाज जल्द भारत पहुंचने वाला है। इसके दूसरी तरफ विदेश मंत्रालय नागरिकों की सुरक्षित वापसी में जुटा है। Middle East
फारस की खाड़ी में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने ऊर्जा आपूर्ति और विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा अपडेट जारी किया है। पेट्रोलियम, जहाजरानी और विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि भारत न केवल अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखे हुए है, बल्कि संकटग्रस्त क्षेत्रों से अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए भी पूरी तरह मुस्तैद है। Middle East
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ऊर्जा और ईंधन-पैनिक की जरूरत नहीं
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया है कि देश में कच्चे तेल की आपूर्ति पर्याप्त है। पेट्रोल-डीजल रिफाइनरियाँ उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और देश के किसी भी हिस्से से ‘ड्राई-आउट’ यानी ईंधन खत्म होने की खबर नहीं है। CNG/PNG-प्राकृतिक गैस की आपूर्ति 100% सुनिश्चित की जा रही है। LPG ट्रांजिशन व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं को अब तेज़ी से PNG अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके लिए सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियाँ विशेष प्रोत्साहन और त्वरित कनेक्शन दे रही हैं।
’शिवालिक’ की वापसी और नाविकों की सुरक्षा पर जहाजरानी मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिंह ने राहत भरी खबर दी है। फारस की खाड़ी से चला भारतीय जहाज ‘शिवालिक’ हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को पार कर चुका है और आज भारतीय बंदरगाह पर पहुँच गया है। इसकी बर्थिंग और कार्गो उतारने की तैयारी पहले ही पूरी कर ली गई है। वहीं वर्तमान में फारस की खाड़ी में 22 भारतीय जहाजों पर कुल 611 नाविक मौजूद हैं। राहत की बात यह है कि पिछले 24 घंटों में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है और सभी नाविक सुरक्षित हैं। Middle East Middle East
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मिडल ईस्ट में बने हालात पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अहम जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि तेहरान स्थित भारतीय दूतावास युद्धस्तर पर काम कर रहा है। सुरक्षित कॉरिडोर बनाते हुए लगभग 550 भारतीय नागरिक भूमि मार्ग से आर्मेनिया पहुँच चुके हैं, जिनमें 284 यात्री शामिल हैं। इसके अलावा 90 अन्य नागरिक अज़रबैजान पहुँचे हैं। भारतीय दूतावास छात्रों को सुरक्षित शहरों में शिफ्ट करने और वीज़ा प्रक्रियाओं में मदद कर रहा है। इनमें से कई लोग भारत लौट चुके हैं और बाकी अगले कुछ दिनों में वापस आ जाएंगे। केंद्र सरकार के इन बयानों से साफ है कि वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भारत की स्थिति स्थिर है और देश की ऊर्जा और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।
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