Jharkhand: मुर्गी पालन से हुई कमाई ने झारखंड की राजधानी रांची के रातु प्रखंड की रीता देवी के लिए इस होली को खास बना दिया है। मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत मिले चूजों और 16 हजार रुपये के निवेश ने उनकी आमदनी और मनोबल दोनों को बढ़ाया है। कुछ ऐसी ही कहानी गुडू गांव के राजेश कुमार की भी है।2022 में 75 प्रतिशत अनुदान पर मिले 500 ब्रॉयलर चूजों से शुरू हुआ उनका पोल्ट्री फार्म आज करीब 2000 मुर्गियों तक पहुंच गया है।Jharkhand:
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झारखंड सरकार की इस योजना के तहत गाय, भैंस, बकरी, सूकर, मुर्गी, बत्तख और पशु शेड के निर्माण के लिए सब्सिडी दी जाती है।झारखंड सरकार के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग द्वारा मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना चलाई जा रही है। राज्य बजट 2024–25 में करीब 105 करोड़ रुपये से 42,715 लाभुकों को लाभ दिया गया।2025-26 के 79 हजार की तुलना में आगामी 2026-27 के बजट में करीब 1.4 लाख लाभुकों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।रांची के काठीटांड़ के सोहेल अंसारी ने 90 प्रतिशत अनुदान पर बकरी पालन शुरू किया और आज उनके पास करीब 30 बकरियां हैं।Jharkhand:
वहीं कठरटोली सिमलिया के सुदीप मुंडा सूकर पालन से सालाना 7 से 8 लाख रुपये का टर्नओवर हासिल किया है, जिससे उनकी तरक्की का पहिया तेजी से घूम रहा है।झारखंड सरकार की मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल साबित हो रही है।Jharkhand:
