Political News: केंद्र सरकार ने बुधवार यानी आज 25 मार्च की शाम पांच बजे पश्चिम एशिया संकट पर सर्वदलीय बैठक बुलाई है। सूत्रों के मुताबिक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बैठक की अध्यक्षता करने की संभावना है, जिसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर के भी उपस्थित हो सकते हैं। इस बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों को बताया कि केरल में एक कार्यक्रम में शामिल होने के कारण वे सर्वदलीय बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे। ये सर्वदलीय बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पश्चिम एशिया की स्थिति पर संसद में दिए गए भाषण के बाद बुलाई गई है। मंगलवार को राज्यसभा में अपने बयान में मोदी ने कहा कि सरकार ने ईंधन, आपूर्ति श्रृंखला और उर्वरकों सहित अन्य मुद्दों पर रणनीतियां बनाने और ईरान-इजराइल-अमेरिका संघर्ष के प्रभाव को कम करने के लिए सात सशक्त समूहों का गठन किया है।
युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर गंभीर ऊर्जा संकट पैदा होने की बात कहते हुए मोदी ने लोगों को इस स्थिति का फायदा न उठाने की चेतावनी दी और राज्य सरकारों से कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाने को कहा। उन्होंने कहा कि सरकार सभी उपलब्ध स्रोतों से गैस और कच्चे तेल की खरीद की कोशिश कर रही है और आने वाले दिनों में भी ये प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने बताया कि उर्वरकों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जरूरी तैयारियां कर ली गई हैं। Political News
इस बीच कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि संकट पर उनका बयान पिछले 11 सालों में हासिल की गई उपलब्धियों के लिए उनकी आत्म-प्रशंसा से भरा एक सुनियोजित भाषण है। सोमवार को लोकसभा में अपने संबोधन में मोदी ने कहा था कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण उत्पन्न कठिन वैश्विक परिस्थितियां लंबे समय तक बनी रहने की संभावना है और उन्होंने राष्ट्र से कोविड-19 महामारी के दौरान की तरह ही तैयार और एकजुट रहने की अपील की थी।
उन्होंने भारत में ईंधन, उर्वरक, राष्ट्रीय सुरक्षा और अन्य क्षेत्रों पर पड़ने वाले प्रभाव के साथ-साथ पश्चिम एशिया क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों पर पड़ने वाले प्रभावों से संबंधित चिंताओं को संबोधित किया और यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का विस्तृत विवरण दिया कि “आम परिवारों को यथासंभव कम से कम परेशानी हो”। उन्होंने कहा कि इस संकट पर भारत की संसद से सर्वसम्मत आवाज विश्व तक पहुंचनी चाहिए।
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Political News- मानवता और शांति के प्रति देश की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि संवाद और कूटनीति ही समाधान का एकमात्र मार्ग है और भारत का हर प्रयास तनाव कम करने और शत्रुता को खत्म करने की दिशा में निर्देशित है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा था कि पश्चिम एशिया भारत के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि लगभग एक करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते और काम करते हैं। इन समुद्रों में चलने वाले वाणिज्यिक जहाजों में बड़ी संख्या में भारतीय चालक दल के सदस्य कार्यरत हैं। उन्होंने कहा था, “इन विभिन्न कारणों से भारत की चिंताएं स्वाभाविक रूप से अधिक हैं। इसलिए ये जरूरी है कि इस संकट पर भारत की संसद की सर्वसम्मत और एकजुट आवाज दुनिया तक पहुंचे।”
