Census 2027: देश में आज से जनगणना 2027 की शुरुआत हो रही है। ये दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल जनगणना प्रक्रिया होगी। विश्व की सबसे बड़ी जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी। इसमें पहली बार स्व-गणना का विकल्प भी उपलब्ध होगा। Census
आपको बता दें, पहली बार जनगणना डिजिटल रूप से आयोजित की जाएगी और पहली बार स्व-गणना का विकल्प भी उपलब्ध होगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, एनडीएमसी और दिल्ली छावनी बोर्ड, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम में 1 से 15 अप्रैल तक स्व-गणना और 16 अप्रैल से 15 मई 2026 तक घर-घर जाकर आवास जनगणना आयोजित की जाएगी।
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स्व-गणना एक सुरक्षित वेब-आधारित सुविधा है जिसके माध्यम से उत्तरदाता घर-घर सर्वेक्षण से पहले 16 भाषाओं में अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। गणनाकर्ता अपने स्मार्टफोन का उपयोग करके मोबाइल ऐप के माध्यम से सीधे डेटा एकत्र और जमा करेंगे। डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक प्रावधान किए गए हैं। देश भर में 2027 की जनगणना में 30 लाख से अधिक गणनाकर्ता, पर्यवेक्षक और अन्य अधिकारी शामिल होंगे। Census
गौरतलब है, बीते सोमवार को भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने नई दिल्ली में जनगणना-2027 पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर इस बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि विश्व की सबसे बड़ी जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी, जिसका पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा । पहली बार जनगणना डिजिटल रूप से आयोजित की जाएगी और पहली बार स्व-गणना का विकल्प भी उपलब्ध होगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, एनडीएमसी और दिल्ली छावनी बोर्ड, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम में 1 से 15 अप्रैल तक स्व-गणना और 16 अप्रैल से 15 मई 2026 तक मकानों की सूची और आवास जनगणना आयोजित की जाएगी। Census
