Kerlam: कन्नूर डेंटल कॉलेज प्रबंधन ने BDS के एक छात्र की कथित तौर पर इमारत से कूदने के कारण हुई मौत के मामले में रविवार को कहा कि यह घटना जातिगत भेदभाव की वजह से नहीं हुई, बल्कि यह मोबाइल ऐप के जरिए लिए गए ऋण से जुड़ी है। यह बयान चिकित्सा निदेशक डॉ. अदनान सिद्दीकी की ओर से जारी किया गया।Kerlam
अंजराकांडी स्थित एक निजी डेंटल कॉलेज में BDS के प्रथम वर्ष का छात्र नितिन राज 10 अप्रैल को इमारत से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला था। बाद में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने राज की जाति और रंग-रूप को लेकर प्रताड़ित किए जाने के आरोपों के बाद दो संकाय सदस्यों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।Kerlam
Read Also-Weather: भीषण गर्मी के प्रकोप से लोग परेशान, कई राज्यों में पारा पहुंचा 45 डिग्री के पार
अपने बयान में कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि यह दावा गलत है कि राज की मौत जातिगत भेदभाव के कारण हुई है। कॉलेज ने कहा कि न तो राज, न उनके परिवार और न ही उनके सहपाठियों ने कभी जातिगत भेदभाव की शिकायत की। बयान में कहा गया कि आरोप है कि एक शिक्षक ने अनुचित टिप्पणी की थी, लेकिन राज ने एक महीने पहले कहा था कि वह उस शिक्षक की कक्षा में शामिल होगा। कॉलेज प्रशासन ने दावा किया कि शिक्षक के खिलाफ कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच कर रही पुलिस को CCTV फुटेज, राज द्वारा अपने पिता को लिखे गए पत्र और उसकी परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं सौंप दी गई हैं।Kerlam
प्रबंधन के अनुसार, राज ने एक ऐप के जरिए ऋण लिया था, जिसके बाद ऋण वसूली करने वालों के लगातार फोन और संदेश एक शिक्षिका को आने लगे। उन्होंने इसकी सूचना प्राचार्य को दी। इसके बाद राज को प्राचार्य के कार्यालय बुलाया गया, जहां उसने बताया कि यह ऋण उसने अपने एक रिश्तेदार अशोकन के लिए लिया था। उसे शिक्षिका का नाम संदर्भ सूची से हटाने को कहा गया। हालांकि, राज ने दावा किया कि उसने शिक्षिका का नाम संदर्भ के तौर पर नहीं दिया था। कॉलेज ने कहा कि उसने अशोकन से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।Kerlam
इसके बाद संबंधित शिक्षिका ने लगातार आ रहे फोन कॉल के खिलाफ साइबर पुलिस में शिकायत करने का फैसला किया। बयान के अनुसार, इसके बाद राज प्राचार्य के कमरे से बाहर निकला और इमारत से कथित तौर पर कूद गया। प्रबंधन ने कहा कि घटना की CCTV फुटेज भी पुलिस को सौंप दी गई है। हाल ही में साइबर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के नोएडा से तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। उन पर राज को ऋण देने और भुगतान के लिए धमकाने का आरोप है।Kerlam
इस बीच, अशोकन ने तिरुवनंतपुरम में संवाददाताओं से कहा कि उन्हें इस दावे की कोई जानकारी नहीं है कि राज ने उनके लिए कोई कर्ज लिया था। अशोकन ने कहा कि इस मामले को लेकर कॉलेज प्रशासन की ओर से उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई। उन्होंने वर्तमान जांच पर भी असंतोष जताया।Kerlam
Read Also-Cricket: CSK के खिलाफ जीत के बाद स्टेन ने कहा-‘यह SRH के लिए निर्णायक मोड़ हो सकता है’
उन्होंने कहा, ‘‘ऋण संबंधी ऐप मामले में केवल ग्राहकों से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी और इन कर्जों के पीछे धन के स्रोतों की अब तक पहचान नहीं हो सकी है।’’ अशोकन ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी डॉ. एम.के. राम अब भी फरार हैं जो डेंटल एनाटॉमी विभाग के प्रमुख हैं।उन्होंने कहा, ‘‘वे नोएडा से ऋण ऐप संचालकों को गिरफ्तार करने में सफल रहे, लेकिन राम अब भी फरार है और पुलिस उसका पता नहीं लगा सकी है।’’उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में दो संकाय सदस्य डॉ. राम और डॉ. संगीता नांबियार को बचाया जा रहा है। अशोकन ने कहा, ‘‘इस मामले में कुछ दबाव है। प्रबंधन की ओर से दबाव डाला गया है, जिसके कारण इन संकाय सदस्यों को बचाया जा रहा है।’’Kerlam
Top Hindi News, Latest News Updates, Delhi Updates, Haryana News, click on Delhi Facebook, Delhi twitter and Also Haryana Facebook, Haryana Twitter
