Haryana: झज्जर पहुंचे पूर्व उपमुख्यमंत्री और जननायक जनता पार्टी के नेता दुष्यंत चौटाला ने 27 अप्रैल को हिसार में होने वाली छात्र हित महापंचायत को लेकर कार्यकर्ताओं की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों की लड़ाई लड़ रहे उनके साथियों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं,जिसके विरोध में महापंचायत बुलाई गई है। उन्होंने दावा किया कि दोपहर 12:50 बजे एफआईआर दर्ज की गई और 1 बजे से 4 बजे तक हिसार पुलिस ने उनके छह पदाधिकारियों को उठाए रखा।
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जब वे गिरफ्तारी देने पहुंचे तो पुलिस ने गिरफ्तार करने से इनकार कर दिया,लेकिन बीच रास्ते गाड़ी लगाकर जान से मारने की धमकी दी गई। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि भाजपा सरकार ने विश्वविद्यालयों को एक विचारधारा का अड्डा बना दिया है। उनकी पार्टी इसके खिलाफ संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय सभी की साझी संपत्ति हैं और वहां किसी एक विचारधारा का कब्जा नहीं होना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं और आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि छात्र हितों की इस लड़ाई में साथ दें।Haryana:
उन्होंने कहा कि हिसार महापंचायत में जो भी निर्णय लिया जाएगा,उसी आधार पर आगे की रणनीति बनाई जाएगी। चौटाला ने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार पुलिस के जरिए छात्रों और युवाओं की आवाज दबाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर लोगों को पुलिस की कार्रवाई नाजायज लगती है तो बड़ी संख्या में हिसार पहुंचकर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और डीजीपी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पिछले सात दिनों से इस पूरे मामले पर किसी का बयान सामने नहीं आया है।Haryana:
उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री स्पष्ट करें कि पुलिस दोषी है या फिर सरकार पुलिस को क्लीन चिट दे रही है।दुष्यंत चौटाला ने भाजपा पर उनकी पार्टी को तोड़ने की कोशिश का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके छह अलग-अलग प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों को तोड़ने का प्रयास किया गया है। आम आदमी पार्टी के सांसदों के भाजपा में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ईडी और सीबीआई का दबाव बनाकर राजनीतिक दलों को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर यही स्थिति रही तो लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा। चौटाला ने कहा कि भाजपा का उद्देश्य क्षेत्रीय दलों को खत्म करना है,जिसे सभी विपक्षी दलों को गंभीरता से समझना चाहिए।
