AI Summit: दिल्ली पुलिस ने फरवरी में भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में भारतीय युवा कांग्रेस (आईआईसी) सदस्यों द्वारा किए गए “शर्टलेस” विरोध प्रदर्शन के पीछे कथित तौर पर एक महीने तक चली सुनियोजित प्रक्रिया का विस्तार से विवरण दिया है और 5,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है।
क्राइम ब्रांच द्वारा पेश चार्जशीट के मुताबिक आईवाईसी अध्यक्ष उदय भानु चिब और पदाधिकारी मनीष शर्मा समेत 18 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जबकि इसमें करीब 130 गवाहों के नाम शामिल किए गए हैं। जांचकर्ताओं का दावा है कि ये विरोध प्रदर्शन स्वतःस्फूर्त नहीं था, बल्कि 20 फरवरी को होने वाले शिखर सम्मेलन से पहले के हफ्तों में मध्य और दक्षिण दिल्ली में आयोजित बैठकों की एक श्रृंखला का नतीजा था। ये बैठकें कथित तौर पर आईवाईसी कार्यालय के साथ-साथ कनॉट प्लेस, सफदरजंग और अन्य क्षेत्रों के रेस्तरां में हुईं, जहां भूमिकाएं सौंपी गईं और व्यवस्था को अंतिम रूप दिया गया।
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पुलिस सूत्रों ने बताया कि योजना के समन्वय के लिए एक सोशल मीडिया समूह बनाया गया था, जिसमें प्रिंटेड टी-शर्ट की व्यवस्था करना और उच्च सुरक्षा वाले शिखर सम्मेलन परिसर के अंदर एक उपयुक्त स्थान की पहचान करना शामिल था। जांच में पता चला है कि कार्यक्रम से पहले ओखला स्थित एक कारखाने में “आपत्तिजनक चित्रों” वाली टी-शर्टें छापी गई थीं। आरोपपत्र में आगे कहा गया है कि आरोपियों ने पहले जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी, लेकिन व्यापक ध्यान आकर्षित करने के लिए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन स्थल को चुना। 20 फरवरी को आईवाईसी कार्यकर्ता एआई शिखर सम्मेलन स्थल में घुस गए। सरकार और भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के खिलाफ नारे छपी टी-शर्टें दिखाकर नाटकीय विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें वहां से हटा दिया।
