Gujarat: द्वारका के नजदीक रूपन बंदर, मीठापुर और आरम्भड़ा गांव में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हाईवे और संवेदनशील क्षेत्रों में बने अनाधिकृत धार्मिक ढांचों पर बुलडोजर चलाया। इसके लिए प्रशासन ने पहले नोटिस जारी किए थे, जिसके बाद गुरुवार को ये कार्रवाई की गई। ये पूरी कार्रवाई पुलिस सुरक्षा के बीच की गई, जिसमें करीब 2400 स्क्वॉयर मीटर सरकारी जमीन खाली करवाई गई, जिसकी अनुमानित कीमत 2 करोड़ 27 लाख रुपये बताई जा रही है। देवभूमि द्वारका के उप-मंडल मजिस्ट्रेट अमोल अवाटे ने बताया कि सभी अवैध निर्माण तटरेखा से लगभग 200 से 400 मीटर की दूरी पर थे, जबकि एक निर्माण तटरेखा से मात्र 50 मीटर की दूरी पर था।
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जिला प्रशासन और पुलिस ने उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में यह कार्रवाई की गई। समुद्र तट और ओखा-द्वारका राजमार्ग के किनारे बनी अवैध धार्मिक संरचनाओं को भी ध्वस्त किया गया। अवाटे ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को कार्रवाई से दो महीने पहले नोटिस जारी किए गए थे। पुलिस उपाधीक्षक सागर राठौड़ ने कहा कि यह ध्वस्तीकरण अभियान जिलेभर में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। प्रशासन ने एक बार फिर दोहराया है कि संवेदनशील तटीय और रक्षा क्षेत्रों में किसी भी तरह के अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई इस प्रवर्तन नीति और भूमि-उपयोग संबंधी नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए जारी प्रयासों का नतीजा है।Gujarat
