Haryana: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उद्योगपतियों के साथ की बैठक। पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़ में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री का संबोधन। छठे पातशाह श्री गुरु हरगोविंद सिंह जी कि इस पावन धरा को नमन। मंडी गोबिंदगढ़ को स्टील टाउन ऑफ़ इंडिया के नाम से भी जाना जाता है।इसे स्टील टाउन ऑफ़ इंडिया बनाने में आप जैसे उद्योगपतियों और कारोबारीयों का ही है योगदान।Haryana:
LIVE: Meeting with Industrialists (Mandi Gobindgarh, Punjab) https://t.co/fkDvVSTrDZ
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) May 1, 2026
हरियाणा में उद्योगों के लिए नीतियों को सरल बनाया और सिंगल विंडो सिस्टम किया लागू।इसी का परिणाम के हरियाणा आज बन चुका है निवेशकों की पहली पसंद। पंजाब में उद्योगपति कई चुनौतियों से जूझ रहे हैं जैसे बिजली संकट, लॉ एंड ऑर्डर की समस्या व नीतिगत अस्थिरता।Haryana:
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आज देश में अगर कोई नेतृत्व उद्योगों को आगे बढ़ाने के लिए संकल्पित है तो वह है प्रधानमंत्री का नेतृत्व। लेकिन कुछ राज्य सरकारें है राजनीति में है उलझी और विकास की बजाय टकराव की करती है राजनीति। देश का माहौल अब बदल रहा है, वोट जाति या धर्म के आधार पर नहीं बल्कि विकास के आधार पर पड़ता है। लोग अब ऐसी सरकार चाहते हैं जो उद्योगों को सुरक्षा दे, निवेश को बढ़ावा दे और युवाओं को रोजगार दे।हमने हरियाणा में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस का इको- सिस्टम बनाया। हमने हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति 2020 बनाई जिसके तहत उद्यमियों को 400 करोड रुपए से अधिक की दी जा चुकी वित्तीय सहायता। Haryana:
हरियाणा एमएसएमई नीति प्लग एंड प्ले अपनी तरह की पहली नीति, इस योजना के तहत कुल 64 परियोजनाओं को दी जा चुकी है मंजूरी। केंद्र सरकार की MSE&CDP योजना के अलावा हमने हरियाणा राज्य मिनी क्लस्टर विकास योजना भी की शुरू।इन दोनों के तहत राज्य में 48 एमएसएमई क्लस्टरों में 170 करोड रुपए की योजनाओं पर चल रहा है काम। हरियाणा में कारोबार करने में आसानी के लिए 48 विभागों के 1100 से अधिक गैर जरूरी नियमों को किया गया समाप्त।
निर्यात को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल बनाई। निवेश प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने हेतु लैंड विजिबिलिटी सर्टिफिकेट व्यवस्था की जाएगी शुरू, निवेशकों को मिलेगा 45 दिनों के भीतर डिजिटल प्रमाण पत्र।प्रदेश में पहली बार केवल एमएसएमई के लिए होगा Reverse Buyer and Seller Meet का आयोजन।राजनीति का उद्देश्य सत्ता प्राप्त करना नहीं बल्कि प्रदेश का विकास करना होना चाहिए। Haryana: Haryana:
