Haryana: हरियाणा सरकार गौ संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। कुरुक्षेत्र में आज मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गौशाला चारा अनुदान राशि वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने लाडवा और थानेसर हल्के की 11 पंजीकृत गौशालाओं के लिए 70 लाख 24 हजार रुपए की चारा अनुदान राशि जारी की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा, “गौशालाओं के लिए चारा अनुदान राशि वितरण के इस पावन समागम में आकर खुद को धन्य महसूस कर रहा हूं। गौ माता हमारी आस्था का केंद्र हैं और इनकी सेवा हमारी सरकार की प्राथमिकता है।” मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 में पूरे प्रदेश की 619 पंजीकृत गौशालाओं के लिए कुल 228 करोड़ 58 लाख रुपए की चारा अनुदान राशि जारी की गई है। पिछले सवा 11 सालों में पंजीकृत गौशालाओं को 526 करोड़ 45 लाख रुपए की चारा अनुदान राशि दी जा चुकी है।
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राज्य में इस समय 697 पंजीकृत गौशालाएं हैं जिनमें लगभग चार लाख से अधिक बेसहारा गोवंश का पालन पोषण हो रहा है। सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में 7 नए राजकीय पशु औषधालय खोलने का प्रावधान किया है। साथ ही वर्ष 2026-27 में प्रदेश की सभी पंजीकृत गौशालाओं को सौर ऊर्जा आधारित परिसरों में परिवर्तित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने गौ माता की सुरक्षा के लिए हरियाणा गोवंश संरक्षण व गौसंवर्धन अधिनियम 2015 लागू किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देसी नस्ल की गायों के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय गोकुल मिशन लागू किया है। इसके तहत हरयाणा, साहिवाल और बिलाही जैसी देसी नस्ल की गायों के गौ पालकों को दूध उत्पादन क्षमता के अनुसार 5 हजार से 20 हजार रुपए तक प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यापक प्रयास कर रही है ताकि गौ सेवा के साथ-साथ गौ पालकों की आय भी बढ़े।
