देशभर में आज बकरीद (ईद-उल-अजहा) का त्योहार अकीदत और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। राजधानी दिल्ली सहित पूरे देश की मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह विशेष नमाज अदा की गई, जिसके बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद दी। हालांकि, इस साल दिल्ली में प्रशासन ने स्वच्छता और सार्वजनिक व्यवस्था को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है।
सुबह की नमाज की गई अदा
बकरीद का पर्व हजरत इब्राहिम द्वारा दी गई कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। गुरुवार, 28 मई 2026 को भारत के अधिकांश हिस्सों में यह पर्व मनाया जा रहा है। दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद और फतेहपुरी मस्जिद समेत देशभर की मस्जिदों में हजारों की संख्या में लोग नमाज के लिए उमड़े। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक बाज़ारों में रौनक है और लोग अपनी सामर्थ्य अनुसार अल्लाह की राह में कुर्बानी की रस्म निभा रहे हैं।
सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी को लेकर कड़ी चेतावनी
दिल्ली सरकार और पुलिस ने इस बार त्योहार के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है। दिल्ली के विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि सड़कों, गलियों, पार्कों या किसी भी खुले सार्वजनिक स्थल पर पशु बलि देना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके साथ ही दिल्ली में गाय, बछड़ा, ऊंट और अन्य प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी पूरी तरह से गैरकानूनी है। ऐसा करने या कोशिश करने पर सख्त आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।
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निगरानी और सुरक्षा के इंतजाम
राजधानी दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। विशेष रूप से संवेदनशील इलाकों में ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर कुर्बानी से संबंधित आपत्तिजनक फोटो या वीडियो साझा न करें, जिससे सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ सकता हो।
सद्भाव की अपील
विभिन्न धार्मिक गुरुओं और मुस्लिम संगठनों ने भी समुदाय से अपील की है कि वे सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करें और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। लोगों को सलाह दी गई है कि वे कुर्बानी के दौरान सार्वजनिक संवेदनशीलता का सम्मान करें और इस पर्व को शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं।
