SIR: राज्य चुनाव तंत्र को ‘संदिग्ध विदेशियों’ का विवरण अधिकारियों के साथ करना होगा साझा

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SIR: निर्वाचन आयोग ने अपने राज्य स्तरीय चुनाव तंत्र को निर्देश दिया है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान ‘‘संदिग्ध विदेशी नागरिकों’’ के मामलों को सक्षम प्राधिकारियों के साथ साझा किया जाए। निर्वाचन आयोग ने इस बात पर भी जोर दिया कि जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र वापस नहीं आए हैं, उनके लिए बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) आसपास के मतदाताओं से पूछताछ के आधार पर अनुपस्थिति, स्थानांतरण, मृत्यु और दोहरी प्रविष्टि जैसे संभावित कारणों की पहचान करेंगे और उन्हें दर्ज करेंगे।

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राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को 14 मई को जारी किए गए विस्तृत निर्देशों में SIR आयोजित करने के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के बारे में कहा गया है, ‘‘निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) संदिग्ध विदेशी नागरिकों के मामलों को नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत सक्षम प्राधिकारी को भेजेंगे। इन उद्देश्यों के लिए, सहायक ईआरओ स्वतंत्र रूप से ईआरओ की शक्तियों का प्रयोग करेंगे।’’

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पिछले साल जब आयोग बिहार में एसआईआर की तैयारी कर रहा था, तब उसके अधिकारियों ने दावा किया था कि उसके जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं द्वारा बांग्लादेश, नेपाल और म्यांमा के कई नागरिकों का पता लगाया गया था। हालांकि, अंततः निर्वाचन आयोग ने ऐसे लोगों की कोई संख्या या सबूत साझा नहीं किया जो मतदाता सूची में शामिल होने के योग्य नहीं थे।

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