Delhi: पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू कल ओडिशा दौरा करेगे। ओडिशा सरकार के दो साल पूरे होने के इस खास मौके पर राज्य को 47,600 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की महा-सौगात मिलने जा रही है। दौरे की शुरुआत सुबह करीब सवा 11 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के गृह जिले मयूरभंज के पहाड़पुर गांव से होगी। यहाँ प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति, संथाली जहेरा और हो जहेरा के पवित्र उपवनों में पूजा-अर्चना करेंगे। Delhi:
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इसके साथ ही वे स्थानीय कौशल केंद्र और पहाड़पुर स्कूल का भी दौरा करेंगे। यह यात्रा जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को नई रफ्तार देने वाली साबित होगी। इसके बाद, दोपहर करीब 1 बजे दोनों नेता मयूरभंज के रायरांगपुर पहुंचेंगे। यहाँ ओडिशा सरकार के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसका विषय है—“विकास धारा, ओडिशा सारा”। इसी मंच से प्रधानमंत्री मोदी 47,600 करोड़ रुपये से ज्यादा के मेगा प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे और एक विशाल जनसभा को संबोधित भी करेंगे। Delhi:
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इन परियोजनाओं में ऊर्जा, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और सिंचाई जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा कदम: बिजली और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 600 मेगावाट की ‘अपर इंद्रावती पंप स्टोरेज परियोजना’ और ‘आईबी थर्मल पावर स्टेशन’ के विस्तार की आधारशिला रखी जाएगी।औद्योगिक क्रांति: झारसुगुड़ा के लखनपुर में ‘भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड’ (BCGCL) प्रोजेक्ट की नींव रखी जाएगी, जिससे देश की आयात पर निर्भरता कम होगी और स्थानीय रोजगार बढ़ेगा।कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर: कटक और भुवनेश्वर को सीधे जोड़ने वाले काठाजोड़ी नदी पर नए पुल और एनएच-353 के चौड़ीकरण का काम शुरू होगा। साथ ही, राज्य को 24 नए अटल बस स्टैंड की सौगात मिलेगी।
स्वास्थ्य और शिक्षा: बौध जिले में 300 बिस्तरों वाले जिला मुख्यालय अस्पताल और रायरांगपुर में एक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन होगा, जबकि इग्नू (IGNOU) के क्षेत्रीय केंद्र की आधारशिला रखी जाएगी।साफ है कि केंद्र और राज्य सरकार का यह साझा प्रयास ओडिशा के ग्रामीण और जनजातीय इलाकों से लेकर शहरों तक विकास की एक नई बयार लेकर आने वाला है। देश के दो शीर्ष दिग्गजों का एक साथ ओडिशा की धरती पर होना यह दिखाता है कि पूर्वी भारत का विकास सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है।
