आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को कडप्पा जिले के सुन्नापुराल्लापल्ली और पेड्डादानलुरू गांवों में जेएसडब्ल्यू रायलसीमा इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट के निर्माण कार्य की शुरुआत की। एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार जेएसडब्ल्यू आंध्र प्रदेश स्टील लिमिटेड इस इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट को 1,100 एकड़ जमीन पर दो चरणों में विकसित करेगी, जिसमें कुल 16,350 करोड़ रुपये का निवेश होगा।
आपको बता दें, पहले चरण में 4,500 करोड़ रुपये का निवेश होगा, जबकि दूसरे चरण में 11,850 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश किया जाएगा, जिससे प्लांट की क्षमता सालाना दो मिलियन टन (एमटीपीए) हो जाएगी। मार्च 2028 तक कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
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एक आधुनिक ‘ग्रीन स्टील’ सुविधा के तौर पर डिज़ाइन किए गए इस प्लांट में रिन्यूएबल एनर्जी से चलने वाली स्क्रैप-बेस्ड इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (ईएएफ) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे कार्बन उत्सर्जन में काफी कमी आएगी। जम्मलामाडुगु में प्रोजेक्ट के काम का उद्घाटन करने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए नायडू ने कहा कि रायलसीमा सूखा-ग्रस्त इलाके से बदलकर एक बड़े इंडस्ट्रियल और डेवलपमेंट हब के तौर पर उभरा है।
नायडू ने कहा, “रायलसीमा अब सूखे की जमीन नहीं है। यह भारत के इंडस्ट्रियल पावरहाउस के तौर पर उभर रहा है। आज इस इलाके की पहचान इंडस्ट्री, इन्वेस्टमेंट, सिंचाई, हरियाली और रोजगार से होती है। रॉयल एनफील्ड, किआ मोटर्स, हीरो मोटोकॉर्प, ड्रोन, फाइटर जेट, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन एनर्जी जैसे सेक्टर में हो रहे इन्वेस्टमेंट रायलसीमा की तस्वीर बदल रहे हैं।”
रायलसीमा स्टील प्लांट की शुरुआत को एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताते हुए नायडू ने कहा कि ये इस इलाके के लिए एक “नए युग” की शुरुआत है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “रायलसीमा के बेटे के तौर पर मैं इसके विकास के लिए किए गए हर वादे को पूरा करने की पूरी जिम्मेदारी लूंगा।”
