संसद के मॉनसून सत्र में गतिरोध के बीच विपक्षी दलों ने एक बार फिर छात्रों के मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला बोला है। छात्रों पर कथित बल प्रयोग के विरोध में कांग्रेस ने आज प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य सांसदों को बलपूर्वक हटाया गया।
छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर आज संसद में जोरदार हंगामा हुआ। कई बार की रुकावट के बाद संसद की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं घायल छात्रों से अस्पताल में मुलाकात करने के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने पार्टी अध्यक्ष खरगे और कांग्रेस सांसदों के साथ पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन कर सभी को चौका दिया।
राहुल गांधी ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ सरकार से जवाब देही की मांग करते हुए पीएम मोदी और गृहमंत्री के इस्तीफे की भी मांग की है। वहीं राहुल गांधी और कांग्रेस सांसदों के प्रदर्शन के बाद सरकार सक्रिय हो गई। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह, राहुल गांधी से मुलाकात करने धरना स्थल पर पहुंचे हालांकि बात नहीं बनी।
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इस बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी प्रदर्शन में शामिल हो गए। छात्रों के मुद्दे पर प्रदर्शन जोर पकड़ने लगा। इसके बाद राहुल गांधी प्रियंका गांधी और अन्य सांसदों को डिटेन कर हटाया गया।
दरअसल कल संसद के पास ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान हजारों छात्रों ने NEET और अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे पर प्रदर्शन किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जिसमें कई छात्र घायल हो गए। विपक्ष ने इसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को चरमरा रही है और छात्रों की आवाज दबाने के लिए पुलिस का दुरुपयोग कर रही है। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई नेता और कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया और बसों में बैठाकर वहां से हटाया है।
