POLITICS: पेपर लीक के खिलाफ अब कड़ा कानून बनेगा। जानकारी के मुताबिक केंद्रीय कैबिनेट ने पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। वही केंद्रीय कैबिनेट ने अन्य महत्त्वपूर्ण फैसलों को भी मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को इसकी जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में पेपर लीक रोकथाम से जुड़े कड़े प्रावधानों वाले संशोधन बिल को हरी झंडी मिल गई है। जानकारी के मुताबिक केंद्रीय कैबिनेट ने पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के खिलाफ एक वीडियो संदेश में पहले ही जानकारी साझा की थी कि कैबिनेट में नए कानून को मंजूरी दी जाएगी और नए कानून को संसद से पारित कराया जायेगा।POLITICS
जानकारी के मुताबिक नए प्रावधानों के अनुसार, संगठित पेपर लीक गिरोहों में शामिल लोगों को 10 साल तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। मामलों की जांच और ट्रायल तीन महीने के अंदर पूरा करने का प्रावधान रखा गया है। इसके लिए स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट्स भी बनाए जाएंगे। यह बिल सोमवार को संसद में पेश किए जाने की संभावना है। वही केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कैबिनेट ने अन्य महत्वपूर्ण फैसलों पर भी मुहर लगाई है। इनमें रेलवे की कुछ परियोजनाएं और केमिकल पार्क से जुड़ी योजना शामिल है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कैबिनेट ने कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के तीन जिलों को कवर करने वाली एक मल्टीट्रैकिंग परियोजना को मंजूरी दी है, जिससे भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 46 किलोमीटर की वृद्धि होगी। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत करीब 1,264 करोड़ रुपये है और यह 2028-29 तक पूरी हो जाएगी।POLITICS
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वही केंद्रीय कैबिनेट ने केमिकल पार्क योजना “भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन (भव्य रसायन) को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि देश में तीन विशेष रासायनिक पार्क स्थापित करने के लिए भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन या भव्य-रसायन योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना की घोषणा वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में की गई थी।
इस योजना के लिए कुल 3,030 करोड़ रुपये का वित्तीय आवंटन किया जाएगा , जिसमें से 3,000 करोड़ रुपये पार्क के भीतर साझा अवसंरचना सुविधाओं और बुनियादी उपयोगिताओं की स्थापना की लागत को पूरा करने के लिए और 30 करोड़ रुपये प्रशासनिक व्यय के रूप में आवंटित किए जाएंगे । बहरहाल केंद्रीय कैबिनेट में पेपर लीक के खिलाफ लाये गए विधेयक को लेकर सबसे ज्यादा चर्चाएं हैं। सरकार का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की गरिमा बनाए रखने और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। पेपर लीक जैसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई का संदेश साफ है। अब संसद में इस बिल पर चर्चा का इंतजार रहेगा।POLITICS
