गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन में दूसरे दिन भी आंतरिक सुरक्षा पर…

Delhi:

Delhi: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हो रहे नौवें राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन का आज दूसरा दिन रहा। सम्मेलन के पहले दिन, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी अहम चुनौतियों पर चर्चा हुई। इनमें आतंकवाद से निपटने के तरीके, मल्टी एजेंसी सेंटर (MAC) के ज़रिए इंटेलिजेंस का एकीकरण, विश्लेषण और उसे लागू करना, नशीले पदार्थों पर नियंत्रण के लिए विज़न डॉक्यूमेंट, अवैध प्रवासियों की पहचान और उन्हें वापस भेजना, और साइबर-क्राइम व पाकिस्तान की प्रॉक्सी वॉर से निपटने के लिए पॉलिसी फ़्रेमवर्क जैसे मुद्दे शामिल थे।Delhi:

Read Also- Rahul Gandhi Manusmriti Controversy: मनुस्मृति पर BJP का राहुल गांधी पर हमला, हिजाब वीडियो से घेरा

वही आतंकवाद और कट्टरपंथ से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने MHA की ‘प्रहार’ (PRAHAAR) योजना को लागू करने के लिए ट्रेनिंग, भगोड़ों को वापस लाकर उनके खिलाफ ट्रायल में तेज़ी लाने और ‘ट्रायल इन एब्सेंशिया’ के प्रावधानों का इस्तेमाल करने पर ज़ोर दिया। गृह मंत्री ने UAPA मामलों की जांच में एक व्यापक और एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने की बात भी कही है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) बनाने के लिए MAC प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध जानकारी का AI-आधारित विश्लेषण किया जाए। उन्होंने प्रतिभागियों को अवैध प्रवासियों के प्रति ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ अपनाने और घुसपैठ की समस्या से निपटने के लिए एक व्यापक ढांचा तैयार करने का निर्देश दिया।

Read Also- Sports News: विश्व कप में हॉकी टीम के खराब प्रदर्शन से छलका खिलाड़ियों का दर्द, दिग्गजों ने उठाये सवाल

केंद्रीय गृह मंत्री ने सभी एजेंसियों को घुसपैठ के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी एजेंसियों को घुसपैठ के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए है।सम्मेलन के दूसरे दिन आज सब-एरियल सिस्टम (हवा से हमले की प्रणालियों) से जुड़े खतरों और उनसे निपटने के उपायों, ब्लू इकोनॉमी (समुद्री अर्थव्यवस्था) को सुरक्षित करने, इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर और राष्ट्रीय सुरक्षा पर इसके असर और बायो-सिक्योरिटी फ्रेमवर्क की ज़रूरत पर ध्यान केंद्रित कर चर्चा हुई है।

यह सम्मेलन हाइब्रिड फॉर्मेट में आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से लगभग 850 अधिकारियों ने हिस्सा लिया। केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री, केन्द्रीय गृह सचिव, उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) तथा CPOs के प्रमुखों ने दिल्ली में आयोजित सम्मेलन में भाग लिया। राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशकों, cutting-edge स्तर के युवा पुलिस अधिकारी और specialized fields के domain experts ने संबंधित राज्यों की राजधानियों से वर्चुअल तरीके से इस सम्मेलन में हिस्सा लिया।

Top Hindi NewsLatest News Updates, Delhi Updates, Haryana News, click on Delhi FacebookDelhi twitter and Also Haryana FacebookHaryana Twitter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *