Vrindavan News: वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में दान की चोरी रोकने के लिए उठाए जाएंगे पुख्ता कदम

Vrindavan News

Vrindavan News: वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर में कथित तौर पर चढ़ावे में गबन के मामले में उच्चतम न्यायालय के कड़ा रुख अपनाने के बाद मंदिर में किसी भी तरह की हेराफेरी को रोकने के लिए नए सिस्टम लागू किए जा रहे हैं। उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि एक-एक पैसा दान पेटियों में या मंदिर के ऑनलाइन कोष में जमा होना चाहिए। Vrindavan News

जिन उपायों को अपनाए जाने की संभावना है, उनमें दान पेटियों पर कड़ी नजर रखना, ऑनलाइन दान पर जो देना और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी करना शामिल है। भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह की दलीलों पर गौर किया, जिन्होंने मंदिर के कामकाज की निगरानी कर रही उच्चस्तरीय समिति की स्थिति रिपोर्ट पेश की। Vrindavan News

Read Also: Nepal Floods: नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 157 पहुंची, 800 के करीब अभी लापता

सिंह ने तस्वीरें अदालत के सामने रखते हुए कहा कि बहुत गंभीर समस्याएं हैं और इस मामले में तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सेवायतों के भंडारी श्रद्धालुओं से सीधे तौर पर चढ़ावा ले रहे हैं। उन्होंने कहा, “एक वीडियो है। तीन लोग पारंपरिक दान पेटी के सामने खड़े हैं और श्रद्धालुओं से पैसे लेकर उन्हें अपनी पॉलीथिन की थैलियों में डाल रहे हैं।”

समिति की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि ऑनलाइन दान के लिए लगाए गए क्यूआर कोड को खराब कर दिया गया या पूरी तरह ढक दिया गया जिसकी वजह से श्रद्धालु उन्हें देख या इस्तेमाल नहीं कर पा रहे थे। सिंह ने कहा कि समिति पर धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया जा रहा है, जबकि कथित तौर पर चढ़ावे को मंदिर के कोष तक पहुंचने से पहले ही दूसरी जगह भेज दिया जा रहा था। Vrindavan News

न्यायमूर्ति बागची ने मौखिक रूप से कहा कि किसी पुजारी का श्रद्धालुओं के दान पर कोई अधिकार नहीं हो सकता। इस दलील पर कड़ा रुख अपनाते हुए पीठ ने कहा, “इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए। हम निर्देश देते हैं कि दान का एक-एक पैसा मंदिर की दान पेटियों में या ऑनलाइन कोष में जमा होना चाहिए। ‘सेवायत’ या कोई और इसमें कोई बाधा पैदा करते हैं तो इसे बहुत गंभीरता से लिया जाएगा। प्रबंधन समिति मंदिर के खजाने के लिए पारदर्शी व्यवस्था लागू करे।” Vrindavan News

पीठ ठाकुर श्री बांके बिहारी जी महाराज मंदिर प्रबंधन समिति की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान सेवायतों (पुजारियों) की ओर से पेश वरिष्ठ वकील श्याम दीवान ने प्रबंधन समिति द्वारा मंदिर के धन का इस्तेमाल करके कथित तौर पर संपत्तियां खरीदने को लेकर चिंता जताई। उच्चतम न्यायालय ने मामले से जुड़े पक्षों को समिति द्वारा दाखिल स्थिति रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रियाएं और आपत्तियां दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया।

Read Also: India News: ऑपरेशन सिंदूर पर पूर्व CDS जनरल अनिल चौहान का बड़ा खुलासा आया सामने

इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को मंदिर के लिए एक व्यापक विकास योजना तैयार करने का निर्देश दिया था, जिनमें सड़कों को चौड़ा करना और बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों तथा बीमार श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं शामिल थीं। मामला उत्तर प्रदेश श्री बांके बिहारी जी मंदिर ट्रस्ट अध्यादेश, 2025 को लेकर जारी कानूनी लड़ाई के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

इस अध्यादेश में मौजूदा प्रबंधन व्यवस्था की जगह सरकार के नियंत्रण वाला ट्रस्ट गठित करने का प्रस्ताव था। इससे पहले, अध्यादेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने कानून के कुछ हिस्सों पर रोक लगा दी थी और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश अशोक कुमार की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति बनाई थी, जिसे मंदिर के रोजमर्रा के प्रशासन की निगरानी का काम दिया गया। तेरह अप्रैल को उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि समिति मंदिर में मौजूदा धार्मिक प्रथाओं की व्यवस्था में “कोई संरचनात्मक बदलाव” करने के पक्ष में नहीं है। Vrindavan News

Top Hindi NewsLatest News Updates, Delhi Updates, Haryana News, click on Delhi FacebookDelhi twitter and Also Haryana FacebookHaryana Twitter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *