Nepal Flood: 11 सदस्यीय विशेष रेस्क्यू टीम और 5.5 टन जरूरी दवाइयों के साथ भारत का पांचवां विमान नेपाल रवाना, 163 भारतीय नागरिकों को अब तक सुरक्षित निकाला गया
दिल्ली: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। आपदा के करीब एक सप्ताह बाद भी कई इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। 2 सितंबर के ताजा अपडेट्स के मुताबिक नेपाल में मृतकों का आंकड़ा 1100 के पार पहुंच चुका है, जबकि हजारों लोग अब भी लापता हैं। कई हाइड्रोपावर परियोजनाओं और सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश पर विशेष फोकस किया जा रहा है।Nepal Flood
शवों की पहचान में जुटी भारतीय फोरेंसिक टीमNepal Flood
बाढ़ और मलबे के बीच बरामद कई शवों की पहचान बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसी को देखते हुए 19 सदस्यीय भारतीय फोरेंसिक टीम नेपाल में नेपाली विशेषज्ञों के साथ मिलकर डीएनए सैंपल की जांच कर रही है। टीम काठमांडू घाटी के खुमलटार स्थित नेपाल पुलिस सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लैब और नेशनल फोरेंसिक साइंस लैब में काम कर रही है। इसका उद्देश्य अज्ञात शवों और लापता लोगों की पहचान की प्रक्रिया को तेज करना है।
भारत ने भेजी 5वीं राहत उड़ानNepal Flood
नेपाल में राहत और बचाव अभियान को मजबूत करने के लिए भारत ने 2 सितंबर को पांचवीं राहत उड़ान रवाना की। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के मुताबिक विमान में 11 सदस्यीय विशेष रेस्क्यू टीम, विशेषज्ञ उपकरण और 5.5 टन जरूरी दवाइयां भेजी गई हैं। भारत पहले से ही राहत सामग्री, मेडिकल सहायता और विशेषज्ञ रेस्क्यू टीमों के जरिए नेपाल की मदद कर रहा है।Nepal Flood
163 भारतीयों का रेस्क्यू, सुरंगों में तलाश जारी
Nepal Flood
विदेश मंत्रालय के अनुसार नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 163 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इसके अलावा चिलिमे क्षेत्र के हाइड्रोपावर टनलों में भारतीय विशेष सुरंग बचाव दल नेपाली एजेंसियों के साथ अभियान चला रहा है। बेहद संकरी जगह, दलदल और मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद टीम टनल के भीतर आगे बढ़ी है। हाइड्रोपावर परियोजनाओं में बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका के कारण इन ऑपरेशनों को बेहद अहम माना जा रहा है।
Read Also-WAR: बिना किसी सैन्य कार्रवाई के अमेरिका और ईरान के बीच फिर से गोलीबारी हुई
वहीं, नेपाल से जुड़े राहत अभियान में चीन समेत अन्य देशों की टीमें भी सहयोग कर रही हैं। आपदा के बाद सड़कों, पुलों और बिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। नेपाल सरकार के सामने अब एक साथ राहत, बचाव, शवों की पहचान और बुनियादी ढांचे की बहाली की बड़ी चुनौती है।Nepal Flood
Top Hindi News, Latest News Updates, Delhi Updates, Haryana News, click on Delhi Facebook, Delhi twitter and Also Haryana Facebook, Haryana Twitter
