हरियाणा की बेटी, रेवाड़ी से जुड़ी पर्वतारोही और राजस्थान सरकार की नर्सिंग ऑफिसर ने 21 अगस्त को यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस पर पहुंचकर भारतीय ध्वज लहराया।
न्यूज डेस्क: हरियाणा के रेवाड़ी से जुड़ी 48 वर्षीय डॉ. आशा झाझड़िया ने पर्वतारोहण के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने 21 अगस्त 2026 को यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस के शिखर पर पहुंचकर तिरंगा फहराया। एल्ब्रुस की ऊंचाई 5,642 मीटर है। आशा की इस उपलब्धि की जानकारी उनके अभियान से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट और कई मीडिया रिपोर्टों में सामने आई है। खास बात यह है कि वह पहले भी दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह कर चुकी हैं। 2017 में एवरेस्ट पर पहुंचने के बाद उन्हें पर्वतारोहण के लिए सम्मानित भी किया गया था।
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आशा झाझड़िया मूल रूप से राजस्थान के झुंझुनूं जिले से जुड़ी हैं और राजस्थान सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में नर्सिंग ऑफिसर के तौर पर काम करती हैं। पुराने रिकॉर्ड में उन्हें राजस्थान की नर्स और पर्वतारोही के रूप में दर्ज किया गया है। उनका परिवार हरियाणा के रेवाड़ी से भी जुड़ा है। 2026 के एल्ब्रुस अभियान के दौरान उन्होंने तिरंगे के साथ ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और महिला सशक्तिकरण का संदेश भी प्रदर्शित किया। यह उनके लिए केवल पर्वत की चोटी तक पहुंचने का अभियान नहीं था, बल्कि महिलाओं को आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य तय करने का संदेश देने का भी प्रयास था।
एल्ब्रुस फतह के बाद आशा का अभियान यहीं नहीं रुका। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के अनुसार वह 29 अगस्त को अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो की उहुरू पीक पर भी पहुंचीं और वहां तिरंगा फहराया।
इस चोटी की ऊंचाई 5,895 मीटर है। इस तरह कुछ ही दिनों के अंतर में उन्होंने यूरोप और अफ्रीका की सर्वोच्च चोटियों पर पहुंचकर अपनी पर्वतारोहण यात्रा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ी। रिपोर्टों के मुताबिक उनका अगला लक्ष्य सातों महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों को फतह करने वाले ‘सेवन समिट्स’ अभियान को पूरा करना है।हरियाणा
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