MEA प्रेस कॉन्फ्रेंस: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कूटनीतिक मुद्दों पर मजबूती से रखा पक्ष

Delhi: विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारत की सुरक्षा, रणनीतिक हितों और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर देश का पक्ष मजबूती से सामने रखा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अरब सागर में पाकिस्तानी नौसेना के जहाज की भारतीय युद्धपोत से टक्कर पर पाकिस्तान के टालमटोल भरे जवाब को पूरी तरह खारिज कर दिया है।Delhi:

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हाल ही में पश्चिमी अरब सागर में पाकिस्तानी नौसेना के जहाज PNS हुनैन की भारतीय युद्धपोत INS कोलकाता से टक्कर के मामले पर भारत ने सख्त रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के टालमटोल भरे जवाब को पूरी तरह खारिज कर दिया है।विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस घटना से ​पाकिस्तान का गैर-पेशेवर रवैया सामने आया है।  INS कोलकाता पश्चिमी अरब सागर में नियमित तैनाती पर था, जब PNS हुनैन ने खतरनाक तरीके से ओवरटेक करने की कोशिश की, जिससे दोनों जहाजों की टक्कर हुई।Delhi:

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इसे ​1991 समझौते का उल्लंघन बताया।जायसवाल ने कहा कि यह हरकत अप्रैल 1991 के भारत-पाक सैन्य समझौते के आर्टिकल 10 का सरासर उल्लंघन है, जिसके तहत दोनों देशों के नौसैनिक जहाजों को कम से कम 3 नॉटिकल मील की दूरी बनाए रखनी होती है।​विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तानी जहाज ने समुद्र में टकराव रोकने के अंतरराष्ट्रीय नियमों को भी तोड़ा है।Delhi:

INS कोलकाता सुरक्षित: वही इस घटना में INS कोलकाता को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है और वह पूरी तरह सुरक्षित होकर समुद्र में अपनी ड्यूटी पर तैनात है। भारत ने पाकिस्तान को अपनी सैन्य इकाइयों को संयम बरतने की सख्त हिदायत दी है।वही लाल सागर (Red Sea) क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सऊदी अरब पर हुए हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए विदेश मंत्रालय ने भारत का रुख स्पष्ट किया है।

​क्षेत्रीय शांति पर खतरा: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पवित्र शहर मक्का पर हमले की कोशिश और सऊदी अरब के आम नागरिकों व आर्थिक संपत्तियों पर हुए हमलों की भारत ने कड़े शब्दों में निंदा की है।Delhi:

​नेविगेशन की आजादी: जायसवाल ने कहा कि इस तरह के हमले ‘बाब अल-मंदाब’ जलडमरूमध्य के जरिए होने वाले व्यापार और समुद्री आवाजाही के लिए गंभीर खतरा हैं, जो भारत को बिल्कुल मंजूर नहीं है। भारत इस क्षेत्र में जल्द शांति और स्थिरता की उम्मीद करता है।

वही रूस से तेल और गैस खरीदने वाले शीर्ष पांच देशों पर 100% टैरिफ लगाने वाले अमेरिकी विधेयक पर पूछे गए सवाल के जवाब में रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत ने अमेरिकी प्रशासन के शीर्ष स्तर पर अपनी चिंताओं को पहले ही जाहिर कर दिया है। भारत ने स्पष्ट किया है कि इस कानून का देश की ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक ऊर्जा बाजार और द्विपक्षीय संबंधों पर क्या असर पड़ सकता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि हमारे 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करना एक ज़रूरी काम है जिसे हमें करना ही है, और हम अलग-अलग स्रोतों से ऊर्जा खरीदते रहेंगे।

रूसी तेल की खरीद जारी रखने को लेकर पूछे गए सवाल पर विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया। यह सवाल रूस से तेल और गैस खरीदने वाले शीर्ष पांच देशों पर 100% टैरिफ लगाने वाले अमेरिकी विधेयक के संदर्भ में पूछा गया।​वहीं, बांग्लादेश की BNP सरकार द्वारा अवामी लीग के कार्यकाल में भारत के साथ हुए 101 समझौतों की समीक्षा की रिपोर्ट्स पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत को इस समीक्षा के बारे में बांग्लादेश की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।भारत सरकार पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और देश के हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगी।बहरहाल विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के इन बयानों से साफ है कि भारत अपने समुद्री सीमाओं की सुरक्षा से लेकर अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हितों तक हर मोर्चे पर सतर्क और प्रतिबद्ध है।

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