गृहमंत्री अमित शाह ने अंबाला में 1857 में आजादी की पहली लड़ाई के शहीद स्मारक का उद्घाटन किया

BJP: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज हरियाणा के अंबाला में 1857 में आजादी की पहली लड़ाई के शहीद स्मारक का उद्घाटन किया। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

Read Also: Chawri Bazaar: दिल्ली के चावड़ी बाजार में भरभराकर गिरी निर्माणधीन इमारत, दो की मौत, कई फंसे

इस अवसर पर अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज इसी भूमि पर 10 मई, 1857 को क्रांतिवीरों ने अंग्रेज़ी शासन के खिलाफ सशस्त्र क्रांति का बिगुल फूंका था और यहीं से वो क्रांति आग बनकर फैल गई थी और पूरी दुनिया इसे देखकर आश्चर्यचकित रह गई थी। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम को अंग्रेज-प्रेरित वामपंथी विचारधारा वाले इतिहासकारों ने विद्रोह का नाम दिया। यह अंग्रेज़ों के लिए विद्रोह हो सकता है लेकिन वीर सावरकर ने कहा था कि 1857 की क्रांति भारत माता की संतानों के लिए विद्रोह नहीं बल्कि स्वतंत्रता संग्राम है। वर्ष 1857 की क्रांति ने ही हिमालय से लेकर कन्याकुमारी और गंगासागर से लेकर सोमनाथ तक फैले इस विराट देश के हर नागरिक के मन में आज़ादी की लौ जगाने का काम किया था।

Read Also: IPS भानु प्रताप सिंह: पत्नी के आरोपों के बीच SP पद से हटाए गए…UPSC तैयारी के दिनों में हुई शादी

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि 1857 से लेकर 1947 तक का 90 वर्षों के इस महान संघर्ष में अनगिनत शहीदों ने अपना सर्वस्व बलिदान किया तब जाकर हमें वर्तमान भारत और भारत माता को देखने का सौभाग्य मिला है। उन शहीदों के बलिदान के आधार पर हम आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में विकसित भारत की कल्पना कर सकते हैं। उन शहीदों के बलिदान की नींव पर 80 साल से लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को मजबूत करते हुए हम पूरी दुनिया के सामने सम्मान के साथ खड़े हैं। वर्ष 1857 की क्रांति के वो सेनानी नाना साहेब पेशवा, महारानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे, बेगम हजरत महाल, सहित अनेक योद्धाओं ने अपना पराक्रम दिखाया और सर्वोच्च बलिदान दिया।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि कोई भी देश तब तक अपनी स्वतंत्रता की कीमत नहीं समझता है, जब तक उसके लिए खून बहाने वाले शहीदों का महिमामंडन नहीं करता है। वो देश कभी प्रगति नहीं कर सकता जो इतिहास के पन्नों को रक्त से बदलकर स्वर्णिम अक्षरों से अंकित नहीं करता है। आज अंबाला में बना ये शहीद स्मारक हमारी आने वाली युवा पीढ़ी, किशोरों के लिए देशभक्ति की अकूत प्रेरणा का स्थान बनने वाला है।

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि कभी इसी पवित्र भूमि पर सरस्वती बहा करती थी, और यहीं से गंगा-यमुना के दोआब तक फैले इस क्षेत्र में वेदों और उपनिषदों की रचना हुई। इसी भूमि पर भगवान श्री कृष्ण ने गीता सुनाई। इसी वीर भूमि पर महाराजा अग्रसेन ने administration का भारतीय model दिया। इसी वीर भूमि पर राजा नाहर सिंह और राव तुलाराम ने आजादी की लड़ाई लड़ी और उसी परंपरा को जारी रखते हुए आज सेना में हरियाणा जैसे छोटे से प्रदेश से सबसे ज्यादा जवान जाते हैं। खेलों की पदक तालिकाओं में भारत की तालिका में नंबर वन हरियाणा का होता है। जब देश को अन्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने की जरूरत थी तब हरियाणा के किसानों ने देश के अनाज के भंडार भर दिए। श्वेत क्रांति में भी हरियाणा का बहुत बड़ा योगदान रहा है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आज हरियाणा की भूमि पर, 22 एकड़ भूमि पर 594 करोड़ रूपए की लागत से 22 दीर्घाओं के साथ सन 1857 की क्रांति का एक अद्भुत स्मारक बना है। श्री शाह ने कहा कि इस स्मारक में आधुनिक तकनीक, virtual reality, holography और interactive projection के साथ ऐतिहासिक दस्तावेजों के साथ हरियाणा की सभी प्रकार की कलाओं को बुनने का एक अद्भुत प्रयास हुआ है। फुलकारी और सरकंडा की शिल्पकला, 2500 लोगों के बैठने की क्षमता वाले open air theater और light and sound show से हमें वापस 1857 में ले जाने की व्यवस्था इस स्मारक में की गई है। ये स्मारक 1857 की क्रांति के गौरव, बलिदान और सम्मान और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य बोध की जागृति करने वाला एक ऊर्जावान स्थान बना है। देशभर के युवाओं से आग्रह है कि आज जिस जगह पर हम हैं, वो किन लोगों के कारण है, उसे समझने के लिए अंबाला के इस स्मारक को जरूर देखिए और शहीदों को श्रद्धांजलि भी दीजिए।

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि आज 1260 करोड़ रूपए की लागत से नेशनल हाईवे का भी लोकार्पण हुआ है और इस हाईवे के माध्यम से हरियाणा बहुत अच्छी आवाजाही की सुविधा वाला राज्य बनेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने हरियाणा के लिए आमूलचूल परिवर्तन लाने का काम किया है। हर घर में गैस का सिलेंडर पहुँचने के साथ ही देश का सबसे पहला धुआंमुक्त प्रदेश हरियाणा बना, MSP पर 24 फसलों की खरीदी करने वाला भारत का पहला राज्य हरियाणा है। नवीन न्याय संहिताओं को लागू कर सजा कराने की दर में 40% वृद्धि करने वाला पहला राज्य हरियाणा बना। देश की सबसे पहली hydrogen train चलाने वाला राज्य हरियाणा बना।

देश में पहली बार elevated railway track की शुरुआत हरियाणा में हुई। हरियाणा अंत्योदय परिवार परिवहन योजना (HAPPY) के तहत गरीब परिवारों को 1000 किलोमीटर की मुफ्त यात्रा कराने का प्रयोग भी हरियाणा में हुआ। देश में सबसे बड़ा Transgender Welfare Board हरियाणा में बना। पढ़ी लिखी पंचायत कराने का काम भी हरियाणा में सबसे पहले हुआ। हरियाणा में Online transfer की नीति बनाई गई। इस तबादला उद्योग को हरियाणा से समूल निकालने का काम हमारी सरकार ने की। पूरे देश में एक एकमात्र राज्य हरियाणा है, जहाँ गांव में आज लाल डोरा नहीं है। हरियाणा एनीमिया-मुक्त राज्य बना, सबसे पहला आयुष विद्यालय हरियाणा में बना, परिवार परिचय पत्र देने वाला सबसे पहला राज्य हरियाणा बना और बागवानी फसलों में भी भावांतर योजना के साथ किसानों के साथ खड़े रहने वाला पहला राज्य हरियाणा बना। मनरेगा जी राम जी की सबसे ज्यादा मजदूरी देने वाला राज्य भी हरियाणा है। पिछले 60 साल में हरियाणा ने बहुत प्रगति की है। नशामुक्त हरियाणा के लिए भी हरियाणा ने कमर कस ली है और प्रधानमंत्री मोदी जी ने हरियाणा को प्राथमिकता दी है।

Top Hindi News, Latest News Updates, Delhi Updates, Haryana News, click on Delhi Facebook, Delhi twitter and Also Haryana Facebook, Haryana Twitter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *