IAS शिखर अग्रवाल और IPS प्रशाखा माथुर पर करीब 30 महीने में 40 विला खरीदने और संपत्ति का पूरा ब्योरा घोषित नहीं करने के आरोप हैं। उदयपुर से शुरू हुआ खरीदारी का सिलसिला अलवर तक पहुंचा। दोनों अधिकारियों को APO किया गया है और मामले में ACB तथा ED में शिकायत दर्ज है।
News Desk : राजस्थान के चर्चित IAS-IPS दंपति शिखर अग्रवाल और प्रशाखा माथुर की संपत्तियों को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। आरोप है कि दोनों ने करीब ढाई साल के भीतर अपने और परिवार के सदस्यों के नाम पर 40 लग्जरी विला खरीदे, जिनकी अनुमानित कीमत 6.16 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस मामले में सबसे पहली खरीद 29 सितंबर 2023 को उदयपुर के बुझड़ा स्थित अनंता रिसॉर्ट में हुई थी। यहां दंपति ने कथित तौर पर 20 कॉटेज खरीदे थे। इनमें 10 कॉटेज IAS शिखर अग्रवाल और 10 उनकी पत्नी IPS प्रशाखा माथुर के नाम पर रजिस्टर्ड कराए गए। प्रत्येक कॉटेज की कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई गई। खास बात यह थी कि खरीद के तुरंत बाद इन सभी कॉटेज को वापस उसी कंपनी को लीज पर दे दिया गया। इसके लिए सालाना 80 लाख रुपये किराया तय होने की जानकारी सामने आई।IAS
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इस खरीदारी का दूसरा बड़ा चरण 27 मार्च 2026 को सामने आया, जब अलवर जिले के अजबगढ़ स्थित अनंता स्पा एंड रिसॉर्ट में 20 और विला खरीदे गए। इस बार संपत्तियों की रजिस्ट्री में दंपति के अलावा उनके दोनों बेटों और सास-ससुर के नाम भी शामिल बताए गए। इन विला की कीमत 15 से 16.5 लाख रुपये प्रति विला के बीच बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन 20 संपत्तियों को भी सालाना कुल एक करोड़ रुपये के किराये पर लीज पर दिया गया। इस तरह दोनों खरीद को मिलाकर 40 संपत्तियों से सालाना करीब 1.80 करोड़ रुपये की लीज आय तय होने का दावा किया गया है। पूरे मामले ने तब और तूल पकड़ा जब 7 जनवरी 2026 को शिखर अग्रवाल के वार्षिक अचल संपत्ति विवरण (IPR) में केवल 14 विला-कॉटेज की जानकारी दर्ज होने की बात सामने आई। वहीं, अगले दिन प्रशाखा माथुर की ओर से दाखिल संपत्ति विवरण में शून्य जानकारी दिखाई गई। इसी के बाद संपत्ति का पूरा ब्योरा घोषित नहीं करने को लेकर सवाल उठने लगे।IAS
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मामले में आय से अधिक संपत्ति और संपत्ति विवरण में कथित अनियमितताओं को लेकर ACB और ED में शिकायत दर्ज कराई गई है। जांच एजेंसियां संपत्तियों की खरीद, उनके भुगतान के स्रोत, लीज से होने वाली आमदनी और परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज संपत्तियों की जानकारी की पड़ताल कर सकती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों अधिकारियों को APO भी किया गया है। बताया जा रहा है कि ACB की ओर से आवश्यक मंजूरी के बाद पूछताछ की तैयारी की जा रही है। वहीं ED के स्तर पर भी वित्तीय लेनदेन और संपत्ति खरीद के तरीके की जांच का मामला उठाया गया है। फिलहाल इन आरोपों की जांच होनी बाकी है और किसी भी तरह की अनियमितता या अपराध साबित होने की स्थिति में आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।IAS
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