BRICS: विदेशमंत्री ने ब्रिक्स (BRICS) इंडिया 2026 लोगो, थीम और वेबसाइट को किया लॉन्च

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BRICS: इस साल 2026 में भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता करने जा रहा है और इसी कड़ी में आज नई दिल्ली में विदेश मंत्री ने औपचारिक रूप से ‘ब्रिक्स इंडिया 2026’ के लोगो, थीम और वेबसाइट का अनावरण किया। मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर हुए इस आयोजन ने भारत के ‘मानवता सर्वोपरि’ दृष्टिकोण को विश्व पटल पर रखा है। BRICS

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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आज  मकर संक्रांति, पोंगल और बिहू की शुभकामनाओं के साथ ब्रिक्स 2026 के सफ़र का आगाज़ किया है। 2026 का वर्ष ब्रिक्स के लिए ऐतिहासिक है क्योंकि यह संगठन की स्थापना की 20वीं वर्षगांठ भी है।​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि “भारत ‘मानवता सर्वोपरि’ के दृष्टिकोण के साथ अध्यक्षता ग्रहण कर रहा है। हमारी थीम – ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’ – यह दर्शाती है कि ब्रिक्स देश मिलकर वैश्विक चुनौतियों का संतुलित समाधान निकाल सकते हैं।”BRICS

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​नया लोगो: इस बार के लोगो में परंपरा और आधुनिकता का संगम है। कमल की पंखुड़ियों में सभी ब्रिक्स सदस्य देशों के रंगों को समाहित किया गया है, जो ‘विविधता में एकता’ का संदेश देते हैं।​थीम (विषय):  Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” (लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण)।डिजिटल कनेक्टिविटी: लॉन्च की गई नई वेबसाइट पूरे साल होने वाली बैठकों, पहलों और परिणामों के लिए एक पारदर्शी मंच का काम करेगी।विदेश मंत्री ने अपने संबोधन में साफ किया कि भारत की अध्यक्षता के चार मुख्य स्तंभ होंगे। भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के इस दौर में भारत ने ‘सुधारित बहुपक्षवाद’ (Reformed Multilateralism) की वकालत की है। यानी अब संयुक्त राष्ट्र और विश्व बैंक जैसी संस्थाओं में समकालीन वास्तविकताओं के हिसाब से बदलाव की ज़रूरत है।BRICS

​अहम घोषणाएँ: ​लचीलापन: स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करना।नवाचार: स्टार्टअप और एमएसएमई (MSME) के क्षेत्र में तकनीक का साझा उपयोग।स्थिरता: जलवायु परिवर्तन पर सामूहिक कार्रवाई और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा।​जन-जन का जुड़ाव: संस्कृति, शिक्षा और खेल के जरिए सदस्य देशों के नागरिकों को करीब लाना है।भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह ब्रिक्स को केवल एक चर्चा का मंच नहीं, बल्कि ‘परिणामोन्मुखी’ संगठन बनाना चाहता है। न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) को मजबूत करना और वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज़ बनना भारत की प्राथमिकता रहेगी। अब दुनिया की नज़रें 2026 में होने वाले शिखर सम्मेलन पर टिकी हैं।BRICS

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