Border Guard Bangladesh: बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए सोमवार को नई दिल्ली पहुंचा।अधिकारियों ने बताया कि दोनों पक्ष भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने और बांग्लादेश के अराजक तत्वों द्वारा बीएसएफ जवानों और भारतीय नागरिकों पर हमले जैसे मुद्दों पर द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।बीजीबी बांग्लादेश की सीमा की सुरक्षा का जिम्मा संभालता है। अधिकारियों के मुताबिक, बीएसएफ और बीजीबी के बीच 55वां महानिदेशक स्तरीय सीमा समन्वय सम्मेलन 17 से 20 फरवरी के बीच लोधी रोड पर बीएसएफ मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि दोनों बलों के बीच द्विपक्षीय वार्ता मंगलवार को होगी। अधिकारियों के अनुसार, बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल विमान से भारत पहुंचा और इसमें शामिल सदस्य 20 फरवरी तक यहां रहेंगे।उन्होंने बताया कि द्विवार्षिक वार्ता में हिस्सा लेने के अलावा वे केंद्रीय गृह मंत्रालय के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात भी कर सकते हैं। ये वार्ता पिछले साल अगस्त में बांग्लादेश में शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के पतन के बाद बीएसएफ और बीजीबी के बीच पहली उच्च स्तरीय बैठक होगी।
अधिकारियों के मुताबिक, वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बीएसएफ महानिदेशक (डीजी) दलजीत सिंह चौधरी करेंगे, जबकि बांग्लादेशी टीम की कमान बीजीबी महानिदेशक मेजर जनरल मोहम्मद अशरफज्जमां सिद्दीकी संभालेंगे।बीएसएफ ने पिछले हफ्ते एक बयान में कहा था कि ये सम्मेलन सीमा संबंधी मुद्दों पर चर्चा करने और दोनों देशों के सीमा सुरक्षा बलों के बीच समन्वय में सुधार लाने के लिए आयोजित किया जा रहा है।बयान में कहा गया था कि सम्मेलन में बीएसएफ जवानों और भारतीय नागरिकों पर बांग्लादेश के अराजक तत्वों/नागरिकों की ओर से किए जाने वाले हमलों की रोकथाम, सीमा पार से होने वाले अपराधों को रोकने के तरीके, बाड़ लगाने, बांग्लादेश में भारतीय विद्रोही समूहों के खिलाफ कार्रवाई, सीमा पर बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दे, समन्वित सीमा प्रबंधन योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए संयुक्त प्रयास, विश्वास बहाली के उपाय और अन्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
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इस द्विपक्षीय वार्ता का पिछला संस्करण मार्च 2024 में ढाका में आयोजित किया गया था। कुल 4,096 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा पांच राज्यों-पश्चिम बंगाल (2,217 किलोमीटर), त्रिपुरा (856 किलोमीटर), मेघालय (443 किलोमीटर), असम (262 किलोमीटर) और मिजोरम (318 किलोमीटर) तक फैली हुई है।बीएसएफ इन सीमाओं पर प्रमुख सुरक्षा और खुफिया जानकारी जुटाने वाली एजेंसी के रूप में काम करती है।
पिछले साल दिसंबर में भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों में तनाव आ गया था, जब दोनों पड़ोसी देशों ने एक-दूसरे के उच्चायुक्तों को तलब किया था। बांग्लादेश ने भारतीय उच्चायुक्त के समक्ष बाड़ लगाने और सीमा पर हत्याओं के मामले में बीएसएफ की गतिविधियों पर अपनी चिंता जताई थी। वहीं, भारत ने नई दिल्ली में नियुक्त कार्यवाहक बांग्लादेशी उच्चायुक्त को स्पष्ट किया था कि बाड़ लगाने के दौरान सभी निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है।
सरकार ने बजट सत्र में संसद को जानकारी दी कि भारत ने बांग्लादेश से कहा है कि वो सीमा पार से होने वाले अपराधों से निपटने के लिए पड़ोसी देश से सहयोगात्मक रुख की उम्मीद करता है और इसमें सीमा पर बाड़ लगाने का मामला भी शामिल है।गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने संसद में एक सवाल के एक लिखित जवाब में कहा कि भारत-बांग्लादेश सीमा का बिना बाड़ वाला हिस्सा 864.482 किलोमीटर है, जिसमें 174.51 किलोमीटर का “अव्यवहार्य क्षेत्र” भी शामिल हैं।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने हाल ही में ढाका में कहा था कि वो 17 से 20 फरवरी के बीच होने वाली दोनों देशों के सीमा सुरक्षा बलों के महानिदेशकों की बैठक के दौरान भारत से लगी सीमाओं से जुड़े कुछ “असंगत समझौतों” को खत्म करने की कोशिश करेगी। ये वार्ता 20 फरवरी को दोनों पक्षों के “चर्चा के संयुक्त दस्तावेज” पर हस्ताक्षर करने के साथ खत्म होगी।
