Delhi: AICC के मीडिया और प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। कांग्रेस का आरोप है कि पिछले 12 सालों के कुशासन ने देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य को अधर में लटका दिया है। NEET, UGC-NET और CUET के बाद अब CBSE में भी बड़े पैमाने पर तकनीकी और प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने केंद्र सरकार पर देश की शिक्षा प्रणाली की नींव खोखली करने का सीधा आरोप लगाया है।”पवन खेड़ा ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीबीएसई (CBSE) के डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली और ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम’ (OSM) के टेंडर में बड़े घोटाले का आरोप लगाया है। Delhi:
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कांग्रेस नेता का कहना है कि जनवरी 2026 के ड्राई रन में 36 बड़ी कमियां मिलने के बावजूद इसे जल्दबाज़ी में 18.5 लाख छात्रों पर थोप दिया गया। आरोप है कि ‘COEMPT EduTek’ नामक कंपनी को फायदा पहुँचाने के लिए टेंडर के नियमों को जान-बूझकर कमजोर किया गया।”कांग्रेस नेता पवन खेडा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तुरंत इस्तीफे की मांग की है। Delhi:
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पवन खेड़ा के मुताबिक, बीजेपी के शासन में भारत का युवा कुशासन और संस्थागत लापरवाही की भारी कीमत चुका रहा है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि एक तरफ प्रधानमंत्री ‘परीक्षा पे चर्चा’ जैसे पीआर कार्यक्रमों में व्यस्त हैं, तो दूसरी तरफ देश का ‘जेन-जेड’ यानी आज की युवा पीढ़ी न्याय के लिए तरस रही है।”कांग्रेस ने इन गंभीर आरोपों के साथ ही लगातार पेपर लीक को देश के शिक्षा इतिहास की सबसे बड़ी विफलता बताया है। Delhi:
